सर हम सब छात्राएं क्रिश्चियन महिला बुनियादी प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत है। हमारे शिक्षण संस्थान से लगकर शराब दुकान चल रही है। यहां दिनभर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। शराब दुकान पर खड़े असामाजिक तत्व छात्राओं से छेडख़ानी करते है। दिनभर अभद्र भाषा का प्रयोग यहां होता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंची प्रशिक्षण संस्थान की छात्राओं ने अपर कलेक्टर केआर बड़ोले से शिकायत की। वहीं, ओंकारेश्वर से आए लोगों ने जगह दिए जाने के बाद भी अतिक्रमण बताकर हटाने की शिकायत की। ओंकारेश्वर से आए लोगों ने बताया कि हम सब ठेला लगाकर व्यवसाय करते है। दिसंबर में अतिक्रमण बताकर सभी को हटा दिया गया। जिसके कारण उनका जीवन यापन मुश्किल हो रहा है। पूर्व में सीएमओ व प्रशिक्षु आइएएस ने उन्हें लाइन डलवाकर ठेला लगाने की जगह दी थी। अब दोबारा हटा दिया गया है। जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, अपर कलेक्टर केआर बड़ोले, संयुक्त कलेक्टर दिनेश सांवले, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सहित विभागीय अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं।
ये आवेदन भी आए जनसुनवाई में
जनसुनवाई में उत्कृष्ट विद्यालय खंडवा से रिटायर अनिल जैन ने बताया कि उसे वेतन वृद्धि का सही लाभ न मिलने से उसे कम पेंशन मिल रही है। ग्राम पंचायत तोरनिया के ग्रामीणों ने गांव में सरपंच सचिव द्वारा किए गए कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए जांच की मांग की। ग्राम सैयदपुर खेगांवड़ा निवासी राधेश्याम ने आवेदन देकर बताया कि उसकी फसल अतिवृष्टि के कारण खराब हो गई थी, फिर भी उसे फसल बीमा योजना का लाभ अभी तक नहीं मिला है।
पड़ोसी को मिला मुआवजा, दूसरे किसान वंचित
गिरिजा बाई ने जिला पंचायत सीईओ डॉ. गौड़ा को आवेदन देकर बताया कि उसके पति जनपद पंचायत खंडवा में पंचायत सचिव के पद पर पदस्थ थे। उनकी मृत्यु हो गई है, लेकिन उनके स्थान पर पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति अभी तक नहीं मिली है। जामकोटा निवासी नारायण ने बताया कि अतिवृष्टि के कारण उसकी फसल खराब हो गई है जिसका कोई मुआवजा अभी तक नहीं मिला है, जबकि उसके पड़ोसी किसानों को दो माह पूर्व मुआवजा मिल चुका है। जिस पर डॉ. गौड़ा ने तहसीलदार को आवेदन का परीक्षण कर पात्रता अनुसार मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए।