30 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर
मोबाइल बांट रहा गर्दन-कमर का दर्द
Play video

मोबाइल बांट रहा गर्दन-कमर का दर्द

नए जमाने के रोग... टेक्सट नेेक, कार्पर टनल के बढ़ रहे केस  

जयपुर. मोबाइल का ज्यादा उपयोग हर उम्र के लोगों को दर्द बांट रहा है। एसएमएस अस्पताल स्थित आरआरसी सेंटर समेत अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में इससे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। टेक्स्ट नेक सिंड्रोम, कार्पन टनल सिंड्रोम और टेनोसिनोवाइटिस सिंड्रोम के केस बढ़ रहे हैं। इन मरीजों की गर्दन, कंधा, कोहनी, कलाई, कमर, पीठ, सिर और अंगुलियों में दर्द होता है। इसका कारण मोबाइल, लैपटॉप का ज्यादा उपयोग बताया गया है।


ये हो रहीं दिक्कत

कोरोना काल में बढ़ गए थे दोगुने केस

रिहेबिलिटेशन मेडिसिन के विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे केस कोरोना काल में दोगुने हो गए थे। इसकी वजह वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन स्टडी बड़ा कारण माना गया था।

टेक्स्ट नेक सिंड्रोम

मोबाइल फोन और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से गर्दन और रीढ़ में दर्द होने लगता है। ज्यादा देर तक एक ही स्थिति में सिर झुका कर मैसेज करना, चैटिंग करना या फिर लैपटॉप पर काम करने से गर्दन, कंधा, अंगूठा और अंगुलियों में दर्द होता है।

टेनोसिनोवाइटिस

शारीरिक गतिविधियां कम होने से मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और टेंडन में सूजन आ जाती है। इस वजह से पैर, जोड़ों, कमर में दर्द होता है।

कार्पल टनल सिंड्रोम बहुत देर तक मोबाइल चलाने से अंगुली, कलाई, कोहनी में दर्द होता है। अंगुलियां सुन्न हो जाती हैं।