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मौसम ने बदला मिजाज, मावठ के साथ गिरे ओले

– गेहूं-चना-जौ को राहत, तेज हवा से कुछ जगह फसलें हुईं आड़ी बस्सी. जयपुर ग्रामीण जिले के बस्सी, चाकसू एवं जमवारामगढ़ उपखण्ड इलाको में मंगलवार को मौसम का मिजाज दिनभर बदला रहा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई जगह मावठ बरसी तो कई जगह बरसात के साथ ओले भी गिरे। बस्सी […]

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– गेहूं-चना-जौ को राहत, तेज हवा से कुछ जगह फसलें हुईं आड़ी

बस्सी. जयपुर ग्रामीण जिले के बस्सी, चाकसू एवं जमवारामगढ़ उपखण्ड इलाको में मंगलवार को मौसम का मिजाज दिनभर बदला रहा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई जगह मावठ बरसी तो कई जगह बरसात के साथ ओले भी गिरे। बस्सी इलाकें में कई जगह चने के आकार के ओले भी गिरे, जिससे मौसम और अधिक सर्द हो गया। दिनभर रुक – रुक कर हुई बूंदाबांदी और बादलों की आवाजाही से क्षेत्र में सर्दी का असर बढ़ गया।

मौसम में आए इस बदलाव से जहां आमजन को सर्दी का अहसास हुआ, वहीं रबी की फसलों के लिए इसे राहत भरा माना जा रहा है। बरसात से गेहूं, चना और जौ की फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे उत्पादन में सुधार की संभावना है। खेतों में खड़ी फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी साबित हो सकती है। सुबह से ही बस्सी सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में आसमान पूरी तरह बादलों से ढका रहा। बरसात के साथ सर्द हवा चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।किसानों ने बताया कि यदि हवा की गति और तेज होती तो नुकसान की आशंका बढ़ सकती थी। फिलहाल अधिकांश क्षेत्रों में नुकसान सीमित बताया जा रहा है।

ग्रामीण अंचल में चना और जौ की फसल इस समय बढ़वार की अवस्था में है। ऐसे में हल्की और मध्यम बरसात से मिट्टी में नमी बनी रहेगी, जिससे सिंचाई की आवश्यकता भी कम होगी। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहा तो यह बरसात फसलों के लिए वरदान साबित होगी।

बादलों की ओट में छिपा रहा सूर्यदेव….जयपुर ग्रामीण इलाके में मंगलवार तड़के से ही तेज हवा का दौर शुरू हो गया था। सुबह से ही आकाश में बादल छाने लग गए, इससे सूर्यदेव भगवान ने दिनभर दर्शन नहीं दिए। इससे लोगों को सर्दी का भी अहसास रहा। दिन में कई बार तो मौसम साफ नजर आता तो कई बार बादल छाने से अंधेरा छा जाता।

खुशी के साथ चिंता रही… मौसम का मिजाज बदलने से किसानों को मावठ हाेने से खुशी हुई, लेकिन किसानों को यह चिंता सताती रही कि कहीं तेज ओले नहीं आ जाए। इस वक्त अधिकांश खेतों में सरसों की फसल या तो कट गई तो कई जगह पर पकाव के अंतिम पड़ाव पर है। (कासं )