
Rajasthan Panchayat Elections (Patrika File Photo)
बस्सी (जयपुर)। पंचायत चुनाव नजदीक आते ही सरपंच से लेकर जिला परिषद सदस्य तक चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ जीत-हार की नहीं, बल्कि जमानत राशि की भी है। चुनाव हारने के बाद अक्सर पूछा जाने वाला सवाल ‘जमानत बची या नहीं।’ इस बार और ज्यादा अहम हो गया है, क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग ने जमानत राशि को लेकर नियमों को सख्ती से स्पष्ट किया है।
सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के चुनाव में प्रत्याशी को कुल डाले गए मतों का कम से कम 1/6 हिस्सा मिलना जरूरी है। यदि किसी प्रत्याशी को इससे कम वोट मिलते हैं तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
हालांकि, यदि कोई प्रत्याशी कम मत प्रतिशत के बावजूद चुनाव जीत जाता है, तो भी उसकी जमानत राशि सुरक्षित रहेगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी पद पर कुल 3000 वोट पड़े हैं, तो प्रत्याशी को जमानत बचाने के लिए कम से कम 500 वोट प्राप्त करने होंगे। इससे कम वोट मिलने पर, चाहे हार हो या जीत, नियमों के अनुसार जमानत राशि जब्त की जा सकती है।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदेश में राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 का उल्लेख किया गया है। इसमें सरपंच पद के लिए नियम 56 के उप-नियम (3) तथा पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए नियम 58 के उप-नियम (5)(a) लागू होंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने बताया कि पंचायत चुनाव में सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों के लिए जमानत राशि 500 रुपए तय की गई है। वहीं महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशियों के लिए यह राशि 250 रुपए होगी। यह राशि आवेदन के साथ जमा करानी अनिवार्य है।
निर्वाचन आयोग ने यह भी साफ किया है कि कई बार कम मत प्रतिशत पर भी प्रत्याशी निर्वाचित घोषित हो जाते हैं। ऐसे मामलों में यदि प्रत्याशी को कुल मतदान का 1/6 हिस्सा नहीं मिला है, तो जमानत राशि वापस नहीं की जाएगी। आयोग के इस निर्देश से अब पंचायत चुनावों में किसी तरह के भ्रम की गुंजाइश नहीं रहेगी।
-जमानत राशि (सामान्य): 500 रुपए
-महिला/एससी/एसटी/ओबीसी: 250 रुपए
राजेश वर्मा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान
Updated on:
23 Jan 2026 03:44 pm
Published on:
23 Jan 2026 03:43 pm
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