
लाइब्रेरी फीस भरते समय खुला बड़ा साइबर फ्रॉड
Varanasi Crime News: दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं छात्र के खाते से साइबर जालसजों द्वारा 25 करोड रुपए का लोन लिए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी होने के बाद छात्र के पिता ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। छात्र को इस बात की जानकारी तब हुई जब वह लाइब्रेरी की फीस भरने के लिए पेमेंट करने की कोशिश करने लगा। खाते की जानकारी करने पर पता चला कि उसका खाता में 25 करोड़ से अधिकारी का नेगेटिव लियन है।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर से यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं अनुराग मिश्रा के पैन कार्ड का दुरुपयोग कर एक फर्जी फर्म खोली गई और उसे फर्जी फर्म के नाम पर 25 करोड़ का लोन लिया गया है। साइबर फ्रॉड की जानकारी होने के बाद छात्र के पिता कमलेश कुमार मिश्रा ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और बताया कि उनके बेटे का आइसीआइसीआइ बैंक हजरतगंज लखनऊ में एक खाता है। बेटे ने लाइब्रेरी की फीस भरने के लिए जब 3600 रुपये का पेमेंट करने की कोशिश की तो उसके खाते में 25,59,15,000 का नेगेटिव लियन (एक तरह का लोन) दिखाया गया।
इसी बीच छात्र को जानकारी हुई की उसके नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर वाराणसी में एक जीएसटी फर्म भी पंजीकृत किया गया है जिसका नाम उत्तरा इंटरप्राइजेज है और इसी फॉर्म का उपयोग कर या धनराशि लोन के रूप में ली गई है। बैंक जाने पर जानकारी हुई की किसी व्यक्ति ने धोखाधड़ी से अनुराग के नाम पर आइसीआइसीआइ बैंक वाराणसी में एक करंट अकाउंट भी खोला है। मामले की जानकारी होने के बाद जीएसटी विभाग ने खाते को फ्रीज कर दिया है।
पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत साइबर क्राइम पुलिस से की है जिसके बाद साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, इसमें संबंधित बैंक के अधिकारियों के मिलीभगत होने की भी आशंका है। फिलहाल मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।
Updated on:
14 Feb 2026 09:23 am
Published on:
14 Feb 2026 09:16 am
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