वाराणसी, Jun 06, 2026

फाइल फोटो, Pc-Patrika
BHU Trauma Center: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल के बाद आईएमएस बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में भी किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीज के लिए डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि यहां डायलिसिस यूनिट इसी महीने से शुरू हो जाएगा और इसका काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद वाराणसी और पूर्वांचल समेत चार राज्यों के मरीजों को यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
आईएमएस बीएचयू के ट्रामा सेंटर में किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा शुरू होने जा रही है। अब तक यह सुविधा सर सुंदरलाल अस्पताल में उपलब्धि थी, लेकिन अब इसे ट्रॉमा सेंटर में भी शुरू किया जा रहा है। इसके बाद सर सुंदरलाल अस्पताल का लोड कम हो जाएगा और मरीजों की डायलिसिस ट्रॉमा सेंटर में भी की जाएगी।
दरअसल, वाराणसी के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में सिर्फ वाराणसी के ही नहीं बल्कि पूर्वांचल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के मरीज भी इलाज करने पहुंचते हैं। ऐसे में सर सुंदरलाल अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में काफी ज्यादा मरीज आने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब ट्रॉमा सेंटर में डायलिसिस यूनिट शुरू होने के बाद इसका लोड कम हो जाएगा।
ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज डॉ सौरभ सिंह ने बताया कि यहां शुरू हो रही डायलिसिस यूनिट अलग से काम करेगी। उन्होंने बताया कि अब तक सिर्फ वेंटिलेटर पर ही डायलिसिस की सुविधा ट्रॉमा सेंटर में उपलब्ध थी, लेकिन अब इस यूनिट के लगने के बाद मरीज की नियमित डायलिसिस भी यहां हो सकेगी। उन्होंने बताया कि अब तक मरीज सिर्फ नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट में ही एडमिट होते थे, लेकिन हमारे पास डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
उन्होंने बताया कि यदि मरीज ट्रॉमा सेंटर में एडमिट होता था तो उसके डायलिसिस के लिए मरीज को सर सुंदर लाल अस्पताल भेजना पड़ता था। लंबी कतार होने की वजह से मरीज को काफी देर इंतजार भी करना पड़ता था। ऐसे में पत्र लिखकर यहां डायलिसिस यूनिट स्थापित करने की मांग की गई थी। इसके बाद इसे स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डायलिसिस यूनिट का काम पूरा हो चुका है और इसी महीने से मरीजों को इसकी सौगात मिलेगी।
उन्होंने बताया कि किडनी रोग से ग्रसित मरीजों के लिए डायलिसिस अत्यंत आवश्यक होती है। शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को निकालने का एकमात्र जरिया डायलिसिस ही है। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर में डायलिसिस की काफी जरूरत थी। उन्होंने बताया कि वाराणसी समेत विभिन्न जिलों के सरकारी अस्पतालों में इसकी सुविधा उपलब्ध है, लेकिन मरीज अत्यधिक होने के कारण काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में इसकी सौगात मिलने से लाखों मरीजों को फायदा होगा।
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Updated on: 06 Jun 2026 10:58 am

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