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लखनऊ, Jun 06, 2026

Cashless Medical Facility: अब इलाज की नहीं होगी चिंता! यूपी शिक्षकों के लिए कैशलेस मेडिकल कार्ड का पंजीकरण शुरू

Cashless Medical UP Teachers: यूपी के 10 लाख से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए सीएम कैशलेस चिकित्सा सुविधा का पंजीकरण शुरू हो गया है। सत्यापन के बाद जल्द स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जाएंगे।

यूपी के 10 लाख शिक्षकों को बड़ी सौगात (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

यूपी के 10 लाख शिक्षकों को बड़ी सौगात (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

Cashless Medical Facility Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के 10 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की वार्डेन तथा अन्य कर्मचारी और उनके आश्रित कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

प्रदेश सरकार की इस पहल को शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से शिक्षक संगठनों द्वारा चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और कैशलेस उपचार की मांग उठाई जा रही थी। अब सरकार ने इस दिशा में ठोस पहल करते हुए पंजीकरण प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है।

10 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के अंतर्गत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े सभी पात्र कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इनमें नियमित शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, रसोइया, केजीबीवी वार्डेन और अन्य विभागीय कर्मचारी शामिल हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों के आश्रित परिवार के सदस्यों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को बीमारी या आपातकालीन चिकित्सा की स्थिति में आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। कैशलेस सुविधा के माध्यम से सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना तत्काल भुगतान किए उपचार प्राप्त किया जा सकेगा, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

पंजीकरण प्रक्रिया हुई शुरू

शिक्षा विभाग ने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इसके लिए एक विशेष पोर्टल विकसित किया गया है, जिस पर कर्मचारी स्वयं और अपने आश्रितों का विवरण दर्ज करेंगे। कर्मचारियों को परिवार के सभी पात्र सदस्यों की जानकारी सावधानीपूर्वक अपलोड करनी होगी ताकि भविष्य में चिकित्सा लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

पंजीकरण के बाद संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) द्वारा विवरण का सत्यापन किया जाएगा। सभी जानकारियों के अनुमोदन के बाद संबंधित कर्मचारी की फैमिली आईडी तैयार की जाएगी। यही फैमिली आईडी आगे चलकर कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने का आधार बनेगी।

अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागीय अधिकारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रारंभिक चरण में नोडल अधिकारियों को योजना की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया था। इसके बाद मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों को भी विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पंजीकरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो। विभाग चाहता है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिक से अधिक कर्मचारी अपना पंजीकरण पूर्ण कर लें।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने दिए विशेष निर्देश

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने योजना के संबंध में सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि पंजीकरण कार्य को अभियान के रूप में चलाया जाए और अधिकतम पात्र कर्मचारियों को योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कर्मचारियों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विद्यालय स्तर से लेकर जिला स्तर तक निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इस तरह मिलेगा कैशलेस चिकित्सा कार्ड

पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारियों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। यह कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकेगा। कर्मचारी अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर की सहायता से पोर्टल पर लॉगिन कर कार्ड प्राप्त कर सकेंगे।

विभाग ने इस कार्ड का नमूना भी जारी कर दिया है ताकि कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिल सके। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह से कार्ड वितरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। कार्ड मिलने के बाद कर्मचारी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी भी जारी

योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। इन अस्पतालों में कर्मचारियों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग ने अस्पतालों की सूची भी जारी कर दी है, जिससे लाभार्थी अपने क्षेत्र के निकटतम अस्पताल का चयन कर सकें। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए केवल निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले अस्पतालों को ही इस योजना में शामिल किया गया है। इससे कर्मचारियों को बेहतर और विश्वसनीय चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों की शिकायत

हालांकि योजना की शुरुआत के साथ ही कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों ने पोर्टल की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें भी दर्ज कराई हैं। कई शिक्षकों का कहना है कि पोर्टल कभी-कभी धीमा चल रहा है और जानकारी अपलोड करने में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। कुछ कर्मचारियों ने यह भी बताया कि दस्तावेज अपलोड करने और आश्रितों की जानकारी दर्ज करने के दौरान दिक्कतें सामने आ रही हैं। विभाग ने इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए तकनीकी टीम को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी तकनीकी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा।

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