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सनातन की गूंज से पूरे विश्व में शांति का निकलेगा रास्ता, ट्रंप भरोसेमंद इंसान नहीं: धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

वाराणसी पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने विश्व में पहली अशांति पर बयान दिया है उन्होंने ट्रंप को लेकर कहा कि वह भरोसेमंद इंसान नहीं है...

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वाराणसी: अपने एक दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री काशी पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व में फैली अशांति पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में यदि शांति का रास्ता निकालना है तो भारत और भारत की सनातन संस्कृति ही है जो सही रास्ता दिखा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को समर्थन देने की बात भी कही है।

वाराणसी पहुंचे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी मां संग श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत की सनातन की विचारधारा से पूरे विश्व में शांति आ सकती है। उन्होंने बताया कि सनातन की संस्कृति में वह ताकत है कि वह विश्व में शांति और संतुलन बना सकती है।

ट्रंप भरोसेमंद नहीं

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी हमला किया है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप भरोसेमंद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप इसलिए भरोसेमंद नहीं है क्योंकि वह शाम को कुछ और बोलते हैं और सुबह कुछ और, ऐसे इंसान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता। जिस तरह से उन्होंने अपने अधिकार का गलत उपयोग करके टैरिफ वार शुरू किया, उससे उनकी कार्य प्रणाली दिखती है कि वह दुनिया में अशांति फैलाना चाहते हैं।

गंगा, गौ और गीता से जुड़े मामले पर मेरा समर्थन है: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

गौ रक्षा और गाय को राज्य माता का दर्जा देने के लिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि गौ, गंगा और गीता से जुड़ा कोई भी मामला हो तो हम उसका पुरजोर समर्थन करेंगे। शंकराचार्य ने गाय का मुद्दा उठाया है और हम गौ सेवक होने के नाते उनका नैतिक रूप से समर्थन करते हैं।

यूजीसी पर बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यूजीसी को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसके नियम को लेकर पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत एकता और अखंडता का देश है, इसलिए इस तरह की नीतियां बनाना ठीक नहीं है। यूजीसी के माध्यम से समाज में दीवार नहीं खड़ी करनी चाहिए। देश को एकता के सूत्र में पिरोने की जरूरत है।