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उदयपुर, May 26, 2026

नया साइबर जाल: आइफोन चोरी होने के बाद एक क्लिक में खाली हो सकता है पूरा डेटा

चोरी या गुम हुए आईफोन यूजर्स को अब फर्जी एसएमएस और नकली आईक्लाउड लिंक के जरिए साइबर ठग निशाना बना रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही एपल आईडी, पासवर्ड और ओटीपी चोरी कर अपराधी फोन और निजी डेटा का पूरा कंट्रोल हासिल कर लेते हैं।

hacking i phone

file photo

उदयपुर. साइबर अपराधियों ने अब चोरी या गुम हुए आइफोन को निशाना बनाकर नया हाईटेक फ्रॉड शुरू किया है। अपराधी फर्जी एसएमएस और नकली आइ क्लाउड लॉगिन पेज के जरिए एपल आइडी, पासवर्ड और ओटीपी चुराकर फोन का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले रहे हैं। साइबर अपराध अब केवल बैंक खातों या यूपीआइ फ्रॉड तक सीमित नहीं रहे। अब अपराधियों ने आइफोन यूजर्स को निशाना बनाते हुए हाइब्रिड साइबर क्राइम का नया तरीका अपनाया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय, नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (एनसीटीएयू) और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आइ4सी) ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसे गंभीरता से नहीं लिया तो आइफोन यूजर बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।

इस तरह हो रहा फ्रॉड

अपराधी पहले चोरी या गुम हुए आइफोन की जानकारी जुटाते हैं। इसके बाद आईफोन मालिक को फर्जी एसएमएस भेजा जाता है, जिसमें लिखा होता है कि 'आपका आइफोन मिल गया है' या 'डेटा सुरक्षित रखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें'।

- लिंक पर क्लिक करते ही नकली आई क्लाउड लॉगिन पेज पर पहुंच जाता है। यहां एपल आइडी, पासवर्ड, ओटीपी मांगा जाता है। जानकारी भरते ही अपराधी अकाउंट का पूरा एक्सेस ले लेते हैं। फिर एपल आइडी हटाकर अनलॉक कर लेते हैं।

- यह फ्रॉड इसलिए खतरनाक है, क्योंकि इसमें तकनीकी हैकिंग से ज्यादा 'सोशल इंजीनियरिंग' का इस्तेमाल किया जा रहा है। यानी अपराधी यूजर के डर और जल्दबाजी का फायदा उठाकर खुद उससे गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं।

आईफोन खो जाए तो क्या करें

अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें। आइफोन खो जाए तो ब्राउजर में आधिकारिक वेबसाइट icloud.com/find से ही लॉगिन करें। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।

- फोन चोरी हो जाए तो सीईआइआर पोर्टल पर डिवाइस ब्लॉक करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी तत्काल संपर्क करें।

यह सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक हमला है। ऐसे में इस तरह के अपराधों में हैकर सीधे सिस्टम नहीं तोड़ते, बल्कि यूजर को भ्रमित कर जानकारी निकलवाते हैं। लोगों को किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचनी चाहिए। एपल या कोई भी कंपनी कभी एसएमएस के जरिए पासवर्ड या ओटीपी नहीं मांगती।

राजकुमार जाखड़, साइबर एक्सपर्ट, उदयपुर पुलिस

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