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सड़क बनाने में टूटी पाइपलाइन नहीं डाली, जलापूर्ति के साथ ही नई सड़क पर भी संकट

गर्मी में बड़ी तालाब से शहर को मिलता है 50 लाख लीटर पानी, यूडीए लापरवाह, ठेकेदार की चूक या जलदाय विभाग की अनदेखी उदयपुर. यूडीए की ओर से बड़ी की ओर जाने वाले मार्ग को चौड़ा और शिल्पग्राम तिराहे का विस्तार करीब छह माह में पूरा कर लिया गया। लेकिन, काम पूरा होने के साथ […]

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नई पाइपलाइन डाले बिना ही सड़क का निर्माण कर दिया गया। अब पाइपलाइन दुरुस्त करने के लिए दोबारा सड़क काटने की नौबत बन सकती है।

नई सड़क के किनारे बिखरे पड़े टूटे पाइप।

गर्मी में बड़ी तालाब से शहर को मिलता है 50 लाख लीटर पानी, यूडीए लापरवाह, ठेकेदार की चूक या जलदाय विभाग की अनदेखी

उदयपुर. यूडीए की ओर से बड़ी की ओर जाने वाले मार्ग को चौड़ा और शिल्पग्राम तिराहे का विस्तार करीब छह माह में पूरा कर लिया गया। लेकिन, काम पूरा होने के साथ ही एक गंभीर खामी सामने आई है। बड़ी तालाब से शहर में जलापूर्ति के लिए बिछी पाइपलाइन सड़क चौड़ी करने के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि नई पाइपलाइन डाले बिना ही सड़क का निर्माण कर दिया गया। अब पाइपलाइन दुरुस्त करने के लिए दोबारा सड़क काटने की नौबत बन सकती है।

शहरी परियोजनाओं में सड़क और जलापूर्ति जैसे विभागों के बीच समन्वय अनिवार्य माना जाता है। लेकिन, यहां चूक साफ दिखती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागों के बीच समन्वय की कमी और ठेकेदार की निगरानी में ढिलाई के कारण यह स्थिति बनी है। सड़क बनने के तुरंत बाद संभावित खुदाई को लोग सरकारी धन की बर्बादी और आमजन की असुविधा मान रहे हैं।---इसलिए पड़ी जरुरत

फतहसागर से शिल्पग्राम तिराहा और यहां से बड़ी मार्ग तक यातायात दबाव, वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए यूडीए ने सड़क चौड़ी करने का कार्य किया था। कार्य लगभग छह माह तक चला और हाल ही में इसे पूरा किया गया। तिराहे का ज्यामितीय सुधार कर चौड़ाई बढ़ाई गई, जिससे पर्यटक आवागमन और स्थानीय ट्रैफिक को राहत मिलेगी।

आशंका कम नहीं

मार्ग के नीचे बड़ी तालाब से शहर में पानी लाने की पाइपलाइन बिछी हुई है। कार्य के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क निर्माण एजेंसी ने पाइपलाइन की मरम्मत का समुचित इंतजाम किए बिना ही सीसी सड़क बना दी। नतीजा ये कि अब पाइपलाइन डालने के लिए यूडीए को नई बनी सड़क में फिर से खुदाई करनी पड़ सकती है।

गर्मी में अहम भूमिका

शहर में जलापूर्ति दबाव बढ़ने पर बड़ी से 5 एमएलडी (दस लाख लीटर प्रतिदिन) पानी पाइपलाइन के जरिये लाया जाता रहा है। फतहसागर झील में जल स्तर कम होने की स्थिति में यह वैकल्पिक व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि पाइपलाइन का काम समय पर नहीं हुआ तो गर्मी के चरम पर जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।

जवाबदेही और आगे की राह

ऐसी परियोजनाओं में यूटिलिटी शिफ्टिंग प्लान पहले से तैयार कर संयुक्त कार्य योजना लागू की जानी चाहिए, ताकि एक विभाग का काम दूसरे को नुकसान न पहुंचाए।- अब नजर इस पर है कि यूडीए पाइपलाइन बिछाने का काम कब तक पूरा करते हैं और क्या इसके लिए सड़क को फिर तोड़ा जाएगा। समय रहते समाधान नहीं हुआ तो परेशानी होगी।

क्यों अहम है यह पाइपलाइन?

- बड़ी तालाब से 5 एमएलडी पानी लाया जाता

- फतहसागर में कमी होने पर वैकल्पिक स्रोत

- गर्मी में आपूर्ति संतुलन का प्रमुख आधार है

- लाइन दुरुस्त नहीं होने पर बढ़ सकता है दबाव

इनका कहना है

गर्मी में मिलती है मददसड़क के लिए पाइप हटाए तो काफी पाइप टूट गए थे, जो वापस नहीं लग पाए थे। पाइप डालने के लिए यूडीए ने टेंडर कर रखा है। फतहसागर में पानी कम होने की स्थिति में बड़ी से 5 एमएलडी पानी लिया जाता है। मई से पहले पाइपलाइन वापस तैयार हो जाएगी, तो गर्मी में जलापूर्ति संबंधी परेशानी नहीं आएगी।

रविंद्र चौधरी, एसई, पीएचईडी उदयपुर

पाइपलाइन के लिए टेंडर किया

सीसी सड़क बनाने के बाद जगह नहीं बची थी। बाद में लीकेज होने पर रिपेयर नहीं कर पाते। जहां जगह है, वहां पाइपलाइन अंडरग्राउंड डालेंगे और जहां जगह नहीं है, वहां ओपन ही रहेगी। पाइपलाइन के लिए टेंडर की प्रक्रिया कर ली गई है, जल्द ही इसका काम करवा देंगे। प्रयास है कि गर्मी में परेशानी नहीं आएगी।

जयेंद्र सिंह सिसोदिया, एक्सइएन, यूडीए

सड़क बनाकर पाइपलाइन डालना भूल गए। यूडीए की इस लापरवाही से होने वाला अतिरिक्त व्यय सरकारी धन से नहीं, बल्कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से वसूला जाना चाहिए। अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करवाई जाएगी। यूडीए से शहरहित में जल्द से जल्द समाधान किए जाने की उम्मीद है।

प्रेम ओबरावल, भाजपा नेता