30 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नई दिल्ली, May 02, 2026

गौर ग्रीन एवेन्यू अग्निकांड के बाद गाजियाबाद में 150 इमारतों को नोटिस जारी, सामने आई बड़ी कमियां

Gaur Green Avenue आग के बाद गाजियाबाद में फायर विभाग ने सख्ती बढ़ाई है। 150 से अधिक सोसाइटियों और यूनिट्स को नोटिस जारी कर फायर सेफ्टी नियमों के पालन और ऑडिट अनिवार्य किए गए हैं।

Ghaziabad Fire News

PHOTO ANI

Gaur Green Avenue fire: गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू में हाल ही में लगी भीषण आग ने शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की कमजोरियों को हालाइट किया है। इस घटना में करोड़ों की संपत्ति जलकर खाक हो गई और रेस्क्यू के समय पर्याप्त और सही संसाधन नहीं होने पर दि्कतों का समना भी करना पड़ा। इस घटना के बाद फायर विभाग ने एक विशेष अभियान चलाया गया है, जिसमें फायर नियमों के उल्लंघन करने वाले रेजिडेंशियल और कमर्शियल यूनिट्स को नोटिस जारी किया गया है।

फायर विभाग का अभियान

इस अभियान की जानकारी राहुल पोल ने दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 150 रेजिडेंशियल और कमर्शियल यूनिट्स को फायर नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए गए हैं। यह अभियान एक सप्ताह तक चलेगा और इसमें बड़े डेवलपर्स की परियोजनाएं भी शामिल हैं। इस अभियान में जिन सोसाइटियों को नोटिस जारी हुए हैं, उनमें सुपरटेक, गौर और अम्रपाली जैसे बड़े बिल्डर्स की परियोजनाएं शामिल हैं।

सोसाइटी में क्या क्या दिक्कतें आई सामने?

गाजियाबाद के अलग-अलग इलाकों में बनी इन इमारतों में कई बड़ी दिक्कतें सामने आईं। जैसे फायर सेफ्टी सिस्टम सही से काम नहीं कर रहा था, कुछ जगहों पर अवैध निर्माण और कब्जा (एन्क्रोचमेंट) भी मिला। कई सोसाइटियों में पानी की पाइपलाइन ही खराब थी और आग बुझाने वाले उपकरण भी इस्तेमाल के लायक नहीं थे। अधिकारियों ने ये भी देखा कि कई सोसाइटियों में पार्किंग और गार्डन ऐसे बनाए गए हैं कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां अंदर तक पहुंच ही नहीं पातीं। इसके अलावा, कई लोगों ने अपनी बालकनी को PVC शीट से ढककर स्टोर रूम बना लिया है। ऐसा करना आग लगने पर खतरा और ज्यादा बढ़ा देता है, क्योंकि इससे आग जल्दी फैल सकती है और बाहर निकलने का रास्ता भी बंद हो सकता है।

क्या-क्या दिए गए निर्देश?

  • फायर सेफ्टी सिस्टम हमेशा ऑटो मोड में चालू रखें
  • सभी एग्जिट रास्ते खाली रखें
  • इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट कराना जरूरी
  • 15 दिनों में सिस्टम की जांच करें
  • हर महीने मॉक ड्रिल कराएं

साथ ही विभाग लोगों को फायर सेफ्टी उपकरणों के उपयोग और सावधानियों के बारे में ट्रेनिंग भी दे रहा है, ताकि आपात स्थिति में नुकसान कम किया जा सके।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें