
छापर. कृष्ण मृगों के लिए प्रसिद्ध ताल छापर वन्यजीव अभयारण्य में विकसित किया गया फूलों का बगीचा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। अभयारण्य के सुंदर गार्डन में विभिन्न रंग-बिरंगे फूल और सजावटी पौधे लगाए गए हैं। रेंजर उमेश बागोतिया ने बताया कि बगीचे में गेंदा, गजेनिया, कैलेंडुला, गुड़हल, पैंजी, आइस प्लांट, पिटुनिया, जरबेरा, होलीहॉक, डहेलिया, राखीबेल, सर्वण चंपा और निमेशिया जैसी कई प्रजातियों के फूलदार पौधे लगाए गए हैं। इन फूलों से सजी आकर्षक क्यारियां और विभिन्न आकृतियों में तैयार फूलों के बेड आगंतुकों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बगीचे के लिए ऐसे पौधों का चयन किया गया है जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल हों और कम पानी में भी अच्छी तरह विकसित हो सकें। बगीचे को सुव्यवस्थित क्यारियों, गोलाकार डिजाइन और पगडंडियों के साथ तैयार किया गया है, जिससे पर्यटकों को घूमने और फोटो खींचने के लिए सुंदर स्थान मिल सके।
उल्लेखनीय है कि तालछापर वन्यजीव अभयारण्य (Talchhapar Wildlife Sanctuary) ब्लैकबक और घास के मैदानों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां बड़ी संख्या में ब्लैकबक (Blackbuck), चिंकारा (Chinkara) और प्रवासी पक्षियों की आवाजाही रहती है। जिस पर वन विभाग अब बागवानी पर विशेष जोर दिया है। अभयारण्य की जलवायु तथा जैव विविधता के अनुरूप फलदार, फूलदार और औषधीय पौधे लगाने का कार्य निरंतर कर रहा है।
Published on:
13 Mar 2026 12:19 pm
बड़ी खबरें
View Allखास खबर
ट्रेंडिंग
