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फुल ड्रेस रिहर्सल में गरजे टैंक, आसमान में मंडराए लड़ाकू हेलीकॉप्टर, धरती-आसमान हर जगह पराक्रम और तकनीक का संगम

Army Day Parade in Jaipur: जयपुर। राजधानी में भारतीय सेना ने रणभूमि की रचना की। हरे कृष्णा मार्ग (महल रोड) पर टैंक गरजते हुए आगे बढ़े, हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराए और मिसाइलों ने ताकत का ऐलान किया। अपाचे ने गड़गड़ाहट के साथ फ्लाई‑पास्ट में दुश्मन पर सटीक वार की क्षमता दिखाई, तो सारथ, अर्जुन और वज्र टैंक ने जमीन पर गर्जना की।

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आर्मी डे फुल ड्रेस रिहर्सल में शौर्य, पराक्रम और तकनीक का संगम, पत्रिका फोटो
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आर्मी डे फुल ड्रेस रिहर्सल में शौर्य, पराक्रम और तकनीक का संगम, पत्रिका फोटो

Army Day Parade in Jaipur: जयपुर। राजधानी में भारतीय सेना ने रणभूमि की रचना की। हरे कृष्णा मार्ग (महल रोड) पर टैंक गरजते हुए आगे बढ़े, हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराए और मिसाइलों ने ताकत का ऐलान किया। अपाचे ने गड़गड़ाहट के साथ फ्लाई‑पास्ट में दुश्मन पर सटीक वार की क्षमता दिखाई, तो सारथ, अर्जुन और वज्र टैंक ने जमीन पर गर्जना की। पिनाका रॉकेट लॉन्चर और ब्रह्मोस मिसाइल ने आधुनिक तकनीक का दम दिखाया। आसमान से प्रचंड, चीता, ध्रुव हेलीकॉप्टर ने पुष्प वर्षा की। जमीन पर चमक-दमक के साथ शौर्य, पराक्रम और अनुशासन के मेल ने हजारों की संख्या में जुटे दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

खास बात यह रही कि इसमें राजस्थान की झांकी भी प्रदर्शित की गई, जिसमें जयपुर की सांस्कृतिक झलक दिखाई दी। फूलों की होली, कालबेलिया नृत्य, गैर नृत्य, कठपुतली नृत्य और शिल्पकला ने सैन्य शक्ति के साथ सांस्कृतिक रंग भी जोड़े। वहीं नेपाल आर्मी के बैंड की शानदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया। दरअसल, रविवार को महल रोड पर 15 जनवरी को आयोजित होने वाली आर्मी-डे परेड को लेकर सेना ने दूसरी बार फुल ड्रेस परेड रिहर्सल की।

आधुनिक हथियारों संग स्वदेशी तकनीक

परेड रिहर्सल की शुरुआत में सेना के 5 लड़ाकू हेलिकॉप्टरों ने उड़ान भरी। अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर ने फ्लाई-पास्ट में दुश्मन के ठिकानों पर सटीक वार की क्षमता का प्रदर्शन किया। इसे फ्लाइंग टैंक भी कहा जाता है। इसके साथ प्रचंड, चीता और ध्रुव हेलिकॉप्टर भी नजर आए। हेलिकॉप्टरों ने लोगों पर फूलों की वर्षा कर मानो शौर्य की पुष्पों से वंदना की।

जमीन पर आधुनिक हथियारों और स्वदेशी तकनीक की ताकत देखने को मिली। टैंक सारथ, अर्जुन-1 के अलावा टी-9 वज्र टैंक, जो 45 किलोमीटर दूर तक दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूत करने में सक्षम है, आकर्षण का केंद्र रहा। 300 किलोमीटर तक मार करने वाले पिनाका जैसे मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की खूबियों से दर्शकों को रूबरू कराया गया।

ब्रह्मोस व आकाश मिसाइल, अग्निबाण व सूर्यास्त रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के अलावा एंटी टैंक मिसाइल, क्विक रिएक्शन फाइटर व्हीकल, लाइट स्ट्राइक व्हीकल, हेलिकॉप्टर-लॉन्च्ड नाग मिसाइल और व्हीकल माउंटेड इन्फेंट्री मोर्टार सिस्टम,शक्तिबाण ड्रोन सिस्टम,मॉड्यूलर ब्रिज सिस्टम, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम, स्पेशलिस्ट मोबाइलिटी व्हीकल भी रिहर्सल का हिस्सा रहे।

रोबोटिक योद्धाओं ने चौंकाया, तालियां बटोरीं

इतना ही नहीं, रिहर्सल में आत्मनिर्भर भारत की झलक भी साफ दिखाई दी। स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों, हाईटेक ड्रोन, एयर डिफेंस सिस्टम और रोबोटिक योद्धाओं की झांकी ने दर्शकों को चौंका दिया। ऑपरेशन सिंदूर की झांकी ने सेना की ताकत से रूबरू करवाया। मद्रास रेजिमेंट व सिख रेजिमेंट के बैंड ने भी तालियां बटोरीं।

ये भी रहे आकर्षण का केंद्र

  • 7 बाइकों पर 32 जवानों ने हिमालय का ह्यूमन पिरामिड
  • शौर्य प्रदर्शन में जवानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए।
  • 7 बाइकों पर 32 जवानों ने हिमालय का ह्यूमन पिरामिड बनाकर रोमांच पैदा कर दिया।
  • टोरनेडोज टीम ने चलती बाइक को जिम में बदलते हुए प्लैंक पोजिशन, बाज, अशोक स्तंभ और तेजस विमान के आकार भी बनाए।
  • घुड़सवार बटालियन ने सेना के परंपरागत शौर्य को जीवंत किया।पहली बार परेड में शामिल गढ़वाल रेजिमेंट की टुकड़ी ने विशेष छाप छोड़ी।
  • राजपूत रेजिमेंट,सिख रेजिमेंट व भैरव बटालियन की टुकड़ी ने भी लोगों में जोश भरा। इस दौरान युद्ध घोष भी गूंजा।

अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल कल

दूसरे फुल ड्रेस रिहर्सल परेड की समीक्षा सप्त शक्ति कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एच एस वांद्रा ने की। रिहर्सल के दौरान बडी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी। उनमें विभिन्न विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों सहित समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल थे। बडी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी शामिल हुए। तीसरा व अंतिम रिहर्सल मंगलवार को होगा और 15 जनवरी को मुख्य परेड होगी।

देशभक्ति से सराबोर हुआ गुलाबी नगर

आर्मी परेड की यह दूसरी रिहर्सल सेना और नागरिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव का सशक्त माध्यम बनी। रिहर्सल देखने के लिए आई भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कई लोगों ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था, लेकिन वे भी पहुंच गए और दूर से रिहर्सल को देखा।

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