
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ
Air pollution in Jaipur: जयपुर। सर्दी के साथ ही राजधानी की आबोहवा भी खराब होती जा रही है। हवा में जहर घुलने लग गया है। शहर में शनिवार को मुरलीपुरा, विश्वकर्मा व मानसरोवर औद्योगिक क्षेत्र सबसे प्रदूषित रहा, यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 240 को पार कर गया। जबकि शास्त्री नगर, विद्याधर नगर, आदर्श नगर व राजापार्क जैसे क्षेत्रों में भी प्रदूषण अधिक रहा, यहां भी एक्यूआइ 180 से अधिक रहा। शहर का औषत एक्यूआइ 208 तक पहुंच गया, जो वायु गुणवत्ता में खराब श्रेणी में आता है।
मुरलीपुरा व विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में एक्यूआइ 221 से 242 तक पहुंच गया, वहीं मानसरोवर क्षेत्र में भी एक्यूआइ 221 से 241 तक पहुंच गया, जो प्रदूषण की गंभीर श्रेणी में माना जाता है। वहीं शास्त्री नगर का एक्यूआइ 181 से 199 तक पहुंचा, जबकि आदर्श नगर का 166 से 187 तक पहुंच गया और एमआइ रोड क्षेत्र का एक्यूआइ 190 तक पहुंच गया। सीतापुरा क्षेत्र का भी एक्यूआइ 180 से 190 तक पहुंच गया। उधर, पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, जमीन की सतह पर वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जाएगा।
वा में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही पीएम (पार्टिकुलेट मैटर)-2.5 व पीएम-10 का स्तर भी बढ़ गया है। मुरलीपुरा क्षेत्र में पीएम-2.5 का स्तर 382 और पीएम-10 का स्तर 326 तक पहुंच गया है। जबकि मानसरोवर में पीएम-2.5 का स्तर 335 और पीएम-10 का स्तर 284 तक पहुंच गया है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार आगामी दिनों में जयपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में मावठ होने और घना कोहरा छाने का पूर्वानुमान है। ऐसे में वायु प्रदूषण से आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है। घना कोहरा छाने पर हवा में घुले प्रदूषित कण नमी के कारण ज्यादा समय तक हवा में घुलनशील नहीं रह पाते हैं। जिससे कोहरा छंटने पर वायु प्रदूषण से राहत मिल सकती है। प्रदेश में अगले सप्ताह के मध्य तक तक कई शहरों में फिर से मौसम का मिजाज बदलने पर मावठ होने और कोहरा छाने की आशंका है।
Updated on:
11 Jan 2026 08:11 am
Published on:
11 Jan 2026 08:10 am
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