29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सोनीपत, May 20, 2026

नाबालिग तीरंदाज से दरिंदगी: नेशनल आर्चरी कोच कुलदीप वेदवान को 5 साल की जेल, सोनीपत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई सजा

Sonipat Fast Track Court Verdict: हरियाणा के सोनीपत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग नेशनल आर्चरी प्लेयर से यौन उत्पीड़न के मामले में कोच कुलदीप कुमार वेदवान को 5 साल की कठोर सजा और जुर्माना सुनाया है।

Sonipat Fast Track Court Verdict

नेशनल आर्चरी कोच कुलदीप वेदवान को 5 साल की जेल

Archery Player Harassment Case: हरियाणा की सोनीपत फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने खेल जगत को शर्मसार करने वाले एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने एक नाबालिग राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाज (आर्चरी प्लेयर) से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी नेशनल आर्चरी कोच कुलदीप कुमार वेदवान को दोषी करार देते हुए 5 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी कोच पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

अगस्त 2023 में दर्ज हुआ था केस

यह पूरा मामला अगस्त 2023 का है, जब सोनीपत के मुरथल थाना क्षेत्र में एक राष्ट्रीय स्तर की नाबालिग तीरंदाज ने अपने ही कोच कुलदीप वेदवान पर गुरु-शिष्य के रिश्ते को कलंकित करने के गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, कोच ने ट्रेनिंग के बहाने उसके साथ छेड़छाड़ की और यौन उत्पीड़न किया। शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी कोच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पॉक्सो एक्ट और धारा 354A के तहत मिली कड़ी सजा

सोनीपत की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में इस हाई-प्रोफाइल मामले की लंबी सुनवाई चली। स्पेशल प्रॉसिक्यूटर (विशेष लोक अभियोजक) विजेंद्र सिंह खत्री ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों और पुख्ता साक्ष्यों को परखने के बाद 15 मई 2026 को कोच कुलदीप को दोषी ठहराया था। इसके बाद आज, 20 मई 2026 को कोर्ट ने सजा का एलान किया।

अदालत ने दोषी कोच को दो अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है:-

पॉक्सो एक्ट (POCSO Act): इस कानून के तहत दोषी को 5 साल की जेल और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा दी गई। जुर्माना न भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त साधारण कैद काटनी होगी।

धारा 354A (यौन उत्पीड़न): इस धारा के तहत कोर्ट ने दोषी को 3 वर्ष की कठोर कैद और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर 1 महीने की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी।

नोट: ये दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

खेल जगत में कड़ा संदेश

स्पेशल प्रॉसिक्यूटर विजेंद्र सिंह खत्री ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कोर्ट के इस कड़े रुख से समाज और खासकर खेल जगत में एक मजबूत संदेश जाएगा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और उनके सम्मान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें