
representative picture (patrika)
Rajasthan Roadways: रोडवेज बसों में प्राथमिक उपचार सुविधाओं की कमी को लेकर जिला प्रशासन हरकत में आया। राजस्थान पत्रिका ने नौ फरवरी के अंक में रोडवेज बसों की बजाए कागजों तक सिमटा है फर्स्ट एड शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया।
खबर के प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के जरिए यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीकर डिपो की सभी 160 बसों के लिए फर्स्ट एड किट उपलब्ध करवा दिए हैं।
अच्छी बात है कि सभी बसों के लिए फर्स्ट एड किट के रजिस्टर का संधारण किया जाएगा। जिसमें संबंधित चालक व परिचालक को फर्स्ट किट लेने का पूरा रेकार्ड रखा जाएगा।
बुधवार को किट वितरण के दौरान समिति के उपाध्यक्ष राकेश कुमार लाटा, ईश्वर सिंह जी राठौड़ ,सुरेश अग्रवाल, प्रमोद शर्मा, संत लड्डू दास, पवन कुमार शर्मा, विनोद नायक, गौरी शंकर बियानी एवं रोडवेज के अधिकारी मीना देवी, उर्मिला देवी, सुरेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
अब तक रोडवेज बस में यात्रा करते समय किसी यात्री को चोट लगने या चक्कर आने पर सहयात्री केवल पानी पिलाने तक ही सीमित रह जाते थे। कई बार बस को बीच रास्ते रोककर मेडिकल स्टोर ढूंढना पड़ता था।
यात्रियों की इसी परेशानी को पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद प्रबंधन ने त्वरित निर्णय लेते हुए सभी बसों में फर्स्ट एड किट रखवाने की व्यवस्था की।
इन किटों में पट्टियां, एंटीसेप्टिक दवा, कॉटन और प्राथमिक उपचार से जुड़ी जरूरी सामग्री शामिल है, जिससे आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
यात्रियों का कहना है कि छोटी-सी यह सुविधा बड़े काम की साबित होगी। रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीज अब खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे।
Updated on:
12 Feb 2026 04:01 pm
Published on:
12 Feb 2026 03:59 pm
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