
Rajasthan RTE Schools (Patrika File Photo)
सीकर। शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश का टाइम फ्रेम जारी कर दिया है। प्रवेश प्रकिया मंगलवार से शुरू होगी, लेकिन इस बीच प्रदेश के निकायों व पंचायतों के पुर्नगठन से इसमें गफलत पैदा हो गई है। दरअसल, आरटीई के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश कैचमेंट एरिया के बच्चों का ही होता है। यानी बच्चों का प्रवेश संबंधित निकाय व पंचायत के वार्ड के स्कूल में ही होता है।
पालिका व पंचायतों के हालिया पुर्नगठन के बाद संशोधित वार्ड व पंचायतें अब तक पीएसपी पोर्टल पर अपडेट नहीं हुई है। ऐसे में अभिभावकों व स्कूल संचालकों में ये संशय हो गया है कि प्रवेश पुरानी या नई पंचायतों में से किसमें होगा। मामले में अभिभावकों ने स्कूलों में फोन घनघनाना भी शुरू कर दिया है।
प्रदेश में पिछले साल हुए निकायों व पंचायतों के पुनर्गठन से 305 निकायों के वार्डों की सीमाओं व संख्या में बदलाव हुए है। वहीं पुरानी पंचायतों में फेरबदल के साथ 3416 नई पंचायतों का गठन हुआ है। ऐसे में आरटीई के तहत प्रवेश के लिए पूरे प्रदेश का कैचमेंट क्षेत्र बदल गया है।
प्रवेश में एक समस्या दस्तावेजों की भी होगी। यदि आरटीई प्रवेश के लिए पालिका व पंचायतों के पुनर्गठन के आधार पर कैचमेंट क्षेत्र बदलता है तो विद्यार्थियों के दस्तावेज पुरानी निकाय व पंचायतों के वार्ड के ही होने से भी गफलत होगी। लिहाजा मामले में शिक्षा विभाग को स्थिति पूरी तरह साफ करनी होगी।
तासर बड़ी ग्राम पंचायत में पहले तासर छोटी व फकीरपुरा पंचायत थी। पुर्नगठन के बाद फकीरपुरा को कंवरपुरा ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया। ऐसे में फकीरपुरा के अभिभावक इस गफलत में है कि उनका प्रवेश किस पंचायत क्षेत्र में होगा।
आरटीई टाइम फ्रेम के अनुसार सत्र 2025-26 के लिए निजी स्कूलों को 17 फरवरी तक प्रोफाइल अपडेट करनी होगी। प्रवेश आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से 4 मार्च होगी। इसी अवधि में आवश्यक दस्तावेज भी ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे। 6 से 11 मार्च तक अभिभावकों द्वारा स्कूल का चयन, 13 मार्च को स्कूल आवंटन व 21 मार्च तक दस्तावेज सत्यापन होगा। इसके बाद 27 मार्च से 17 अप्रेल तक दूसरा व 13 से 21 अप्रेल तक प्रवेश का तीसरा चरण चलेगा।
आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग के बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। जिनकी फीस की बदले राज्य सरकार स्कूलों को पुनर्भरण राशि जारी करती है। केंद्रीय एक्ट के अनुसार निशुल्क प्रवेश कक्षा आठ तक होते हैं। राजस्थान में सरकार ने आरटीई के लाभार्थियों की 12वीं तक की शिक्षा निशुल्क कर राखी है।
कैचमेंट क्षेत्र से संबंधित कोई असमंजस है तो उच्च अधिकारियों को अवगत करवाएंगे। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
सज्जनसिंह चारण, एडीईओ,(प्रारंभिक शिक्षा), सीकर।
आरटीई में प्रवेश के लिए कैचमेंट क्षेत्र को लेकर गफलत की स्थिति पैदा हो गई है। विभाग को कम से कम इस साल पुराने निकायों व पंचायतों के आधार पर ही प्रवेश करने की छूट देनी चाहिए। ताकि दस्तावेजों की गफलत भी ना हो।
गोपाल मंडीवाल, धोद ब्लॉक अध्यक्ष, निजी शिक्षण संस्थान संघ, सीकर।
Published on:
16 Feb 2026 02:54 pm
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