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1 लाख किसानों को मिलेगा लाभ, खातों में रुपए डालेगी सरकार

MP News: भावांतर योजना के तहत मंडी में अगर सरसों के दाम कम मिलते हैं तो शेष अंतर की राशि सरकार सीधे किसानों के खातों में देगी।

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Bhavantar Scheme

Bhavantar Scheme (फोटो सोर्स: पत्रिका)

MP News: सरकार अब सोयाबीन के बाद किसानों को सरसों की फसल पर भी भावांतर योजना का लाभ दे रही है। इस योजना के तहत जिले में करीब एक लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा। जिले में 72 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य था, लेकिन लक्ष्य की तुलना में किसानों ने 89 हजार 537 हेक्टेयर भूमि में सरसों फसल की बोवनी की है।

इस भावांतर योजना के तहत मंडी में अगर सरसों के दाम कम मिलते हैं तो शेष अंतर की राशि सरकार सीधे किसानों के खातों में देगी। सरसों की एमएसपी 6200 रुपए रखी गई है। बड़ी बात यह है कि आज सरसों के दाम बाजार में 6400 रुपए से लेकर 6800 रुपए तक हैं। ऐसे में किसानों का कहना है कि जब बाजार में ही सरकार की एमएसपी से अधिक दाम मिलेंगे तो फिर इस योजना का लाभकिसानों का मिलने से रहा। हालांकि अभी सरसों की आवक शुरू हुई है और फरवरी माह में जब सरसों की बंपर आवक होगी तब अचानक से दाम कम हो जाएंगे तो किसानों को भावांतर योजना से मदद मिलेगी।

जिले में 89 हजार हेक्टेयर में सरसों

जिले में इस बार सरसों का रकबा पिछले साल से 29 हजार हेक्टेयर अधिक है। पिछले साल सरसों 60 हजार हेक्टेयर में हुई थी, लेकिन इस बार उत्पादन बढ़ा है और यह रकबा 89 हजार 537 हेक्टेयर पर पहुंच गया है। पिछले साल किसानों की संख्या भी 70 हजार थी जो कि इस बार एक लाख पर पहुंच गई है। अगर बाजार में दाम एमएसपी से कम हुए तो किसानों को इस महत्ती योजना का लाभ मिलेगा, नही तो यह योजना महज कागजों में ही सिमट कर रह जाएगी।

30 किसानों का अभी तक नहीं हुआ भुगतान

सरकार ने दो माह पूर्व सोयाबीन फसल को लेकर भी भावांतर योजना चलाई थी। इसमें जिलेभर में महज 3300 किसानों ने अपना पंजीयन कराया था। इन किसानों में से करीब 30 किसानों का भुगतान आज भी नहीं हो पाया है। किसान भावांतर के भुगतान के लिए परेशान है। जिम्मेदार अधिकारी मंडी सचिव रामकुमार शर्मा का कहना है कि जिन किसानों के बैंक खातों में कोई दिक्कत है, उनके ही भुगतान शेष रह गए है। बाकी सभी का भुगतान वरिष्ठ कार्यालय से हो गया है।

क्या बोले किसान

अगर फरवरी में जब सरसों का बंपर उत्पादन होगा, उस समय दाम बाजार में कम हुए तो ही सरकार की इस भावांतर योजना का लाभ किसानों को मिलेगा। - रामकिशन जाटव, किसान पिपरसमां बोले कृषि उप संचालक

अभी तो सरसों को लेकर मुख्यमंत्री ने घोषणा की है। हमारे पास सरकार से कोई गाइडलाइन नहीं आई है। जैसे ही गाइडलाइन आएगी तो किसानों के पंजीयन का काम शुरू हो जाएगा।- पान सिंह करौरिया, उप संचालक कृषि