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सवाई माधोपुर, Apr 25, 2026

Ranthambore: दुर्गा और उसके शावकों की अठखेलियों ने पर्यटकों का मन मोहा, त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर फिर दिखा ‘मलंग’

Sawai Madhopur News: रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में गर्मी शुरू होने के बाद भी अप्रेल माह में भी बाघ बाघिन भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों को निराश नहीं कर रहे हैं।

Tigress Durga and Her Cubs

रणथम्भौर के जोन चार में शावकों के साथ विचरण करती बा​घिन दुर्गा। फोटो: पत्रिका

सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में गर्मी शुरू होने के बाद भी अप्रेल माह में भी बाघ बाघिन भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों को निराश नहीं कर रहे हैं। सुबह की पारी में पार्क भ्रमण पर गए पर्यटकाें को रणथम्भौर के जोन चार में बाघिन शक्ति यानि टी-111 की बेटी दुर्गा यानि टी-2307 अपने शावकों के साथ अठखेलियां और स्वच्छंद विचरण करती नजर आई। बाघिन की शावकों के साथ अठखेलियां और स्वच्छंद विचरण देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे और उन्होंने इस नजारे को कैमरे में कैद किया।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय से बाघिन दुर्गा का मूवमेंट शावकों के साथ जोन चार में बना हुआ है। यह बाघिन पिछले कुछ समय से पर्यटकों के लिए लक्की चार्म भी साबित हो रही है। गुरुवार शाम की पारी में पार्क भ्रमण पर गए पर्यटकों को भी जोन चार में बाघिन दुर्गा के शावकों के साथ दीदार हुए थे।

बाघिन शक्ति की संतान है दुर्गा

वनाधिकारियों ने बताया कि बाघिन दुर्गा बाघिन टी-111यानि शक्ति की संतान है और पहली बार मां बनी है। इसकी मां यानि शक्ति का मूवमेंट भी जोन चार में ही है, लेकिन दोनों की टेरेटरी वर्तमान में अलग अलग क्षेत्रों में हैं।

मलंग ने फिर की रणथम्भौर रोड पर चहलकदमी

इधर, रणथम्भौर में बाघिन सुल्ताना यानि टी-107 की संतान टी-2511 यानि बाघ मलंग त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर देखा गया। बाघ ने मार्ग पर मिश्रदर्रा से आडा बालाजी की ओर करीब दस मिनट तक चहलकदमी की। इससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतार लग गई। हालांकि कुछ देर बाद एक बार फिर से बाघ का रुख जंगल की ओर हो गया और इसके बाद मार्ग एक बार फिर से सुचारू हो सका। गौरतलब है कि त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग वर्तमान में बाघों की टेरेटरी का हिस्सा बनता जा रहा है। इस मार्ग पर आए दिन बाघ बाघिनों का मूवमेंट देखने को मिल रहा है।

कई बाघ बाघिनों का रहता है मूवमेंट

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में रणथम्भौर में क्षमता से अधिक बाघ बाघिन विचरण कर रहे है और इसके कारण बाघों का मूवमेंट वर्तमान में त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर अधिक हो रहा है। जिस बाघ बाघिनों का आम तौर पर मंदिर मार्ग पर मूवमेंट देखने को मिलता है उनमें बाघ टी-2511 यानि मलंग,बाघिन सुल्ताना यानि टी-107, बाघ टी-101, बाघ टी-120 यानि गणेश आदि शामिल हैं।

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