13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Sambhal Violence: एसपी का बयान दर्ज, 6 घंटे की सुनवाई में वकीलों ने किए 140 सवाल, हर पहलू पर हुई बहस

Sambhal News: यूपी के संभल में शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा मामले में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कोर्ट में करीब छह घंटे तक बयान दर्ज कराए। इस दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने उनसे 140 से अधिक सवाल पूछे।

2 min read
Google source verification

सम्भल

image

Mohd Danish

Jan 13, 2026

संभल हिंसा केस में कोर्ट में गवाही देते एसपी

एसपी का बयान दर्ज | Image - X/@IANS

Sambhal Violence Update: संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में सोमवार को एक अहम कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई। जिला न्यायालय स्थित एडीजे पॉक्सो कोर्ट में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अपने बयान दर्ज कराए। न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के समक्ष यह प्रक्रिया करीब छह घंटे तक चली, जिसमें मामले से जुड़े कई संवेदनशील तथ्यों पर विस्तार से चर्चा हुई।

140 से अधिक सवालों की लंबी जिरह

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई की गवाही के दौरान बचाव पक्ष के पांच अधिवक्ताओं ने उनसे 140 से अधिक सवाल पूछे। दोपहर 12 बजे से शुरू हुई जिरह शाम 6 बजे तक चली। इस दौरान हिंसा के दिन की घटनाओं, पुलिस की कार्रवाई, हालात और मौके पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े हर पहलू पर सवाल-जवाब किए गए।

मुकदमे की कानूनी स्थिति

जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि यह बयान नखासा थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 304/2024 के तहत दर्ज कराए गए हैं। यह मुकदमा शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा से जुड़ा है, जिसमें हालात अचानक बेकाबू हो गए थे और पुलिस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था।

फायरिंग में घायल हुए थे एसपी और पुलिसकर्मी

घटना के दिन उपद्रवियों की ओर से की गई फायरिंग में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई स्वयं घायल हो गए थे। उनके पैर में छर्रे लगे थे, जबकि उनके पीआरओ समेत कई अन्य पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए थे। इस हिंसा में कुल 29 पुलिसकर्मी घायल होने की पुष्टि की गई थी।

चार युवकों की मौत से मचा था हड़कंप

इस हिंसक घटना में चार युवकों की मौत हो गई थी, जिससे इलाके में तनाव फैल गया था। हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।

एसआईटी जांच में 40 से अधिक नामजद

एसआईटी ने जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर 40 से अधिक लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने इस मामले में 25 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि, वर्तमान में अधिकांश आरोपी न्यायालय से जमानत पर बाहर हैं।

गवाही के जरिए रखे गए तथ्य

कोर्ट में गवाही के दौरान एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने खुद को चश्मदीद गवाह बताते हुए हिंसा से जुड़े सभी तथ्यों को मजबूती से न्यायालय के सामने रखा। आरोपियों के वकीलों की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने पुलिस कार्रवाई और हालात की विस्तृत जानकारी दी।

दोषियों को सजा दिलाने का दावा

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि प्रभावी पैरवी के जरिए दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि कोर्ट में प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के बयान न्याय की दिशा में निर्णायक साबित होंगे।