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बिना पंजीकरण चल रही ‘मौत की फैक्ट्री’, सिटी मजिस्ट्रेट की छापेमारी में उड़े होश; इंटर पास के हाथों ऑपरेशन

Sambhal News: यूपी के संभल में सिटी मजिस्ट्रेट की छापेमारी में एक अवैध क्लीनिक का खुलासा हुआ, जहां इंटर पास युवतियां नर्स बनकर बिना पंजीकरण और योग्यता के ऑपरेशन कर रही थीं।

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सम्भल

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Mohd Danish

Jan 13, 2026

बिना पंजीकरण चल रही ‘मौत की फैक्ट्री’..

Illegal Clinic Raid Sambhal: यूपी के संभल जिले में अवैध रूप से संचालित एक निजी क्लीनिक पर सिटी मजिस्ट्रेट की छापेमारी ने पूरे इलाके को हिला दिया। बिछौली गांव में चल रहे इस क्लीनिक में न तो कोई पंजीकरण था और न ही प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ, बावजूद इसके यहां गंभीर मरीजों का इलाज और ऑपरेशन किए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने प्रशासनिक अधिकारियों को भी दंग कर दिया।

इंटर पास युवतियां बनीं नर्स

जांच के दौरान क्लीनिक में गांव गोविंदपुर निवासी जिया उल हसन मौजूद मिले, जिन्होंने खुद को मरीज देखने वाला बताया। वहीं स्टाफ के नाम पर इंटर पास तीन युवतियां मौजूद थीं, जो बिना किसी मेडिकल डिग्री या नर्सिंग प्रशिक्षण के नर्स का काम कर रही थीं। यही नहीं, इन युवतियों द्वारा मरीजों की देखभाल और ऑपरेशन से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाई जा रही थीं।

प्रसूता भर्ती, दो दिन पहले हुआ ऑपरेशन

छापेमारी के वक्त क्लीनिक में एक प्रसूता भी भर्ती मिली। महिला ने अपना नाम बबैना निवासी गुलफशा बताया और कहा कि दो दिन पहले इसी क्लीनिक में ऑपरेशन से उनका प्रसव कराया गया था। बच्चे की हालत गंभीर होने के चलते उसे संभल के एक अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिससे अवैध इलाज की गंभीरता और खतरनाक हो गई।

ऑपरेशन थिएटर देखकर चौंके अधिकारी

निरीक्षण के दौरान क्लीनिक में फैली गंदगी और बदबू ने हालात की भयावहता उजागर कर दी। अंदर एक प्रसव कक्ष और बाकायदा ऑपरेशन थिएटर पाया गया, जहां न तो स्वच्छता के मानक थे और न ही जरूरी मेडिकल उपकरणों की वैध व्यवस्था। ऐसे हालात में ऑपरेशन किया जाना मरीजों की जान से खुला खिलवाड़ था।

पंजीकरण के नाम पर बहाने

जब जिया उल हसन से क्लीनिक के पंजीकरण से जुड़े कागजात मांगे गए तो वह कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। हालांकि आसपास के लोगों ने बताया कि यह क्लीनिक पिछले करीब एक साल से धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे अवैध संचालन की पुष्टि और मजबूत हो गई।

बिना योग्यता किए जा रहे थे ऑपरेशन

प्राथमिक जांच में साफ हुआ कि यहां अप्रशिक्षित लोग इलाज कर रहे थे और बिना किसी योग्यता के ऑपरेशन किए जा रहे थे। यह न सिर्फ मेडिकल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सीधे तौर पर मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा भी है। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही और गैरकानूनी गतिविधि माना है।

मेडिकल स्टोर भी संदिग्ध

जांच के दौरान क्लीनिक परिसर में एक मेडिकल स्टोर भी मिला, जिसका पंजीकरण हरथला निवासी पप्पू के नाम पर बताया गया। इससे पूरे नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए कि कैसे एक ही परिसर में अवैध क्लीनिक और संदिग्ध मेडिकल स्टोर संचालित किया जा रहा था।

ऑपरेशन थिएटर सील

सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर ही ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया और क्वैक्स टीम प्रभारी डॉ. मनोज चौधरी को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी इस अवैध क्लीनिक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाने को कहा गया है।

अवैध अस्पतालों पर लगातार नजर

सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड सेंटरों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भी जांच में कमियां पाई जाती हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर सख्त कार्रवाई कराई जाती है। समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग भी अपने स्तर से निरीक्षण करता रहता है।