
शहर के शिक्षा विशेषज्ञों ने रखी राय, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के आगामी बजट में बढ़ाया जाए शिक्षा के लिए बजट
सागर . शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आगामी बजट में डिजिटल सुविधाओं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। शिक्षाविदों और शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। इसलिए जिस तरह रक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाती है, उसी तरह शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जानी चाहिए। बीते कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में जो निजीकरण किया जा रहा है, उसे सरकार को बंद करना चाहिए। शिक्षा निजी होने से आम आदमी के पहुंच से बाहर हो जाएगी। अच्छी सुविधाओं के लिए सरकारी स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्लाय के बजट बढ़ाना चाहिए।
स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर सरकार शिक्षा का भी निजीकरण करना चाह रही है, जो गलत है। आज आम आदमी के बच्चे निजी स्कूलों में नहीं पढ़ पाते हैं। निजी स्कूलों की फीस महंगी है। सरकार को शिक्षा के लिए बजट बढ़ाना चाहिए। पैसे बचाने के लिए ही अतिथि अध्यापकों की परंपरा चल रही है। विश्वविद्यालयों की शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो रही है। स्थाई शिक्षक नियुक्त करने के लिए बजट बढ़ाना होगा। एकेडमिक गतिविधियां पैसा मिलना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए सेमिनार व वर्कशॉप होनी चाहिए। पब्लिकेशन ग्रांट बंद हो गई है, जिसे चालू करना चाहिए। देश व समाज के हित में सरकार को शिक्षा में आर्थिक मदद करनी होगी।
- प्रो. आनंद प्रकाश त्रिपाठी, पूर्व विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग
शिक्षा के क्षेत्र में कम बजट के अभाव में स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा में निजीकरण बढ़ रहा है। इससे क्वालिटी गिर रही है। सरकारी कॉलेज और सेंट्रल विवि में फीस में बढ़ रही फीस को रोकना चाहिए, ताकि आम आदमी के पहुंच में शिक्षा हो। शिक्षा का निजीकरण होने से निजी स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय आसानी से डिग्री मिल रही है, जिससे बेहतर शिक्षा लोगों को मिल नहीं पा रही है। इसके साथ बढ़ती फीस व अन्य खर्च से आम आदमी परेशान है। शिक्षा सस्ती और अच्छी होनी चाहिए।
- प्रो. बहादुर सिंह परमार, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर
सरकारी स्कूलों में आज भी बिजली, पानी और शौचालयों का अभाव है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षक नहीं है। पढ़ाई का स्तर बढ़ाने के लिए शिक्षकों की संख्या बढ़ानी होगी। इसके साथ हर स्कूल में नेट का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए और स्मार्ट क्लास दी जाए। स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई का स्तर में सुधार होगा। इसके साथ हर स्कूल में खेल शिक्षक की नियुक्ति की जाए जिससे खेलों का महत्व बढ़ेगा। वर्षों से स्कूलों में खेल शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। खेल में बच्चे बेहतर करियर बना सकते हैं।
- संजय श्रीवास्तव, प्रभारी प्राचार्य गौर नगर स्कूल
तकनीकी के दौर में विद्यार्थियों को एआई कोर्स की जरूरत है, इसके लिए पहले सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ट्रेंड करना पड़ेगा। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को एआई की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। सभी स्कूलों में फर्नीचर, वोकेशनल कोर्स की पर्याप्त सुविधाएं होनी चाहिए। सांदीपनि स्कूल की तरह अन्य सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग के लिए बजट मिलना चाहिए। इससे निजी स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में पढ़ाई संभव हो सकेगी।
- प्रफुल्ल हल्वे, शिक्षक डाइट
Published on:
17 Jan 2026 07:33 pm

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