
एक साथ गीला-सूखा कचरा गाड़ी में डालते हुए
बीना. स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर नगर पालिका अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि पिछली बार स्टेट रैंकिंग में गिरावट आई थी। इसके बाद भी स्वच्छता को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। अभी तक इसके लिए कोई कार्य भी शुरू नहीं हुए हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण में 2023-24 की स्टेट रैंकिंग में गिरावट आई थी। क्योंकि साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया था और न ही अन्य गतिविधियां की गई थीं। कंपनी बदलने से सफाई में, तो सुधार हुआ है, लेकिन अन्य कार्य कार्य शुरू नहीं हुआ हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में कचरा पृथक्कीकरण नहीं किया जा रहा है और सूखा, गीला कचरा सीधे गाडिय़ों में डाल दिया जाता है। जबकि गीले कचरे से खाद बनाया जाना था। कुछ वर्षों पूर्व राजीव गांधी वार्ड में एक मशीन लगाकर गीले कचरे से खाद बनाने की शुरुआत भी की गई थी। लोगों को मटका खाद बनाने के लिए भी जागरूक किया गया था और रैन बसेरा में भी खाद बनाया जाता था, लेकिन कुछ दिनों बाद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इन प्रयासों से रैंकिंग 2021-22 की रैंकिंग अच्छी आई थी।
कबाड़ से पार्क किए गए थे तैयार
शहर में कबाड़ से पार्क भी तैयार किए थे, जो देखरेख के अभाव में अब उजड़ते जा रहे हैं। शहर में बनाया गया सेल्फी पाइंट भी ब्रिज निर्माण के दौरान हटा दिया गया था, जो फिर दूसरी जगह नहीं बनाया गया है। रेलवे बाइपास रोड पर बनाया गया सेल्फी पाइंट भी हटा दिया गया है। इन कार्यों पर लाखों रुपए खर्च भी किए गए थे।
जल्द ही कार्य हो जाएगा शुरू
स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा, कचरा पृथक्कीकरण सहित लोगों को जागरूक करने, दीवार लेखन, नुक्कड़ नाटक सहित अन्य कार्य शुरू होंगे। एनजीओ नियुक्त करने टैंडर भी जारी किया गया है।
राहुल कुमार कौरव, सीएमओ, बीना
Published on:
22 Jan 2026 12:00 pm

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