सागर, May 25, 2026

कार पुलिंग कर जाते हुए कर्मचारी। फोटो-पत्रिका
बीना. ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और यातायात दबाव कम करने के उद्देश्य से बीपीसीएल बीना रिफाइनरी के शीर्ष प्रबंधन की प्रतिबद्धता के चलते कार पुलिंग (साझा यात्रा) और बस सेवा शुरू की गई है। अधिकारी और कर्मचारी अब व्यक्तिगत वाहनों के बजाय साझा परिवहन व्यवस्था अपना रहे हैं। इस पहल का सकारात्मक असर भी दिख रहा है, जिसे अभी तक 70 प्रतिशत अधिकारी, कर्मचारी अपना चुके हैं।
बीपीसीएल टाउनशिप में करीब 600 अधिकारी व कर्मचारी निवास करते हैं। सभी के बीच करीब 250 कार हैं। इनमें करीब 70 प्रतिशत अधिकारी-कर्मचारियों ने कार पुलिंग और बस सेवा को अपना लिया है। पहले जहां अधिकांश कर्मचारी अलग-अलग वाहनों से रिफाइनरी पहुंचते थे, वहीं अब एक ही कार में तीन और चार कर्मचारी एक साथ सफर कर रहे हैं, इससे प्रतिदिन सडक़ों पर चलने वाले वाहनों की संख्या में कमी आने लगी है।
रिफाइनरी प्रबंधन का मानना है कि ऊर्जा संरक्षण केवल औद्योगिक इकाइयों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि दैनिक जीवन में भी इसकी शुरुआत जरूरी है। इसी सोच के तहत कर्मचारियों को साझा परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं इस व्यवस्था को अपनाकर कर्मचारियों को प्रेरित किया। एक दिन वरिष्ठ अधिकारी साइकिल से भी ऑफिस पहुंचे थे। हाल ही में बीना रिफाइनरी ने साइकिल रैली भी निकालकर संदेश दिया था।
इस पहल से अन्य लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पर्यावरण सुरक्षित रहे और ईंधन की कमी न आए। बीपीसीएल की तरह अन्य कंपनियों और सरकारी अधिकारी, कर्मचारियों को भी आगे आने की जरूरत है। साथ ही आम लोगों को भी सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग करना होगा।
रिफाइनरी की सुरक्षा में तैनात कंपनी में इलेक्टिक वाहनों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें सुरक्षा गार्ड पेट्रोलिंग इलेक्टिक स्कूटर से करते हैं। साथ ही अन्य अधिकारी भी इलेक्टिक वाहनों का उपयोग कर रहे हैं।
शीर्ष प्रबंधन ने कार पुलिंग और बस सेवा की इस पहल की शुरुआत ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, यातायात दबाव कम करने के लिए की है। अभी तक 70 प्रतिशत अधिकारी इसे अपना चुके हैं और जल्द ही शत-प्रतिशत करने का उद्देश्य है।
अजय शर्मा, एचआर, बीपीसीएल बीना रिफाइनरी
Updated on: 25 May 2026 03:38 pm

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