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किसानों ने मांगा तीस फीट का रास्ता, बीपीसीएल ने छोड़ी सिर्फ छह फीट जमीन, विरोध जताकर रुकवाया काम

बीना. हड़कल खाती गांव के पास स्थित बीपीसीएल बीना रिफाइनरी की जमीन बीआरसी कंपनी को दी गई है, जहां यार्ड बनाया गया है और फेंसिंग की जा रही है, जिससे किसानों के खेतों को जाने वाला रास्ता भी पर्याप्त नहीं छोड़ा जा रहा है। इसके विरोध में किसानों ने बुधवार की दोपहर प्रदर्शन किया और […]

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Farmers demanded a 30-foot path, but BPCL left only six feet, protesting and halting work.

नायब तहसीलदार सिक्यूरिटी कंपनी के अधिकारी से चर्चा करते हुए

बीना. हड़कल खाती गांव के पास स्थित बीपीसीएल बीना रिफाइनरी की जमीन बीआरसी कंपनी को दी गई है, जहां यार्ड बनाया गया है और फेंसिंग की जा रही है, जिससे किसानों के खेतों को जाने वाला रास्ता भी पर्याप्त नहीं छोड़ा जा रहा है। इसके विरोध में किसानों ने बुधवार की दोपहर प्रदर्शन किया और मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार हेमराज मेहर ने काम रुकवा दिया।
रास्ते की मांग को लेकर किसानों ने कुछ दिनों पूर्व प्रदर्शन किया था और तहसीलदार ने मौके पहुंचकर पर्याप्त रास्ता देने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रबंधन ने कुछ दिनों तक कार्य नहीं किया और अब करीब छह फीट रास्ता छोडकऱ फेंसिंग की जा रही है। किसानों को जानकारी मिलने पर दोपहर में सरपंच सुनीता तिवारी सहित गांव के महिला, पुरुष मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए काम रुकवा दिया। किसानों कहना था कि इतनी कम जगह में ट्रैक्टर-ट्रॉली भी नहीं निकल पाएंगे। जबकि किसानों को खेतों तक हार्वेस्टर भी ले जाना पड़ता है। उन्होंने करीब 30 फीट रास्ता देने की मांग की है। भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष संजय सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर बीपीसीएल प्रबंधन द्वारा की जा रही मनमानी का विरोध जताया और कहा कि यदि पर्याप्त रास्ता नहीं दिया गया, तो फेंसिंग नहीं होने दी जाएगी। नायब तहसीलदार ने किसानों की समस्या सुनने के बाद फोन पर बीपीसीएल के अधिकारियों से बात की और काम रोकने के आदेश दिए। साथ ही निर्णय होने के बाद ही फेंसिंग कराई जाएगी। इस अवसर पर अवधेश तिवारी, निमिष अग्रवाल, पार्षद बीडी रजक सहित किसान मौजूद थे।

एक साल से चला आ रहा विवाद
रास्ता को लेकर एक साल से यह विवाद चला आ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को भी इसकी जानकारी है, लेकिन फिर भी अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। रिफाइनरी प्रबंधन ने कई बार रास्ता बंद करने का भी प्रयास किया है। प्रशासनिक अधिकारी, रिफाइनरी प्रबंधन के अधिकारियों से चर्चा कर इस विवाद को सुलझा सकते हैं।