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शादी के बाद भूलकर भी न करें ये भूल, वर्ना टूट सकती है रिश्ते की डोर

Happy Married Life Rules: सुखी वैवाहिक जीवन के लिए शास्त्रों में कुछ नियम बताए गए हैं। इन्हें फॉलो कर आप लाइफटाइम खुशनुमा शादीशुदा जिंदगी जी सकते हैं।

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भारत

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Adarsh Thakur

Jan 28, 2026

Happy Married Life tips

Happy Married life: शास्त्रों के ये सूत्र अपना लिए, तो कभई नहीं आएगी रिश्ते में दिक्कत! (PC: AI)

Happy Married Life Rules: सुखी वैवाहिक जीवन के लिए शास्त्र कुछ जरूरी नियम अपनाने को कहते हैं, क्योंकि विवाह सिर्फ दो लोगों का साथ नहीं होता। यह दो परिवारों और आत्माओं का जुड़ाव होता है। यदि आप शादीशुदा हैं या आपकी शादी होने वाली है, तो कुछ बातों को अपनाकर आप अपने रिश्ते को हमेशा के लिए टूटने से बचा सकते हैं और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।

शास्त्रों के अनुसार सुखी शादी के सूत्र | Happy Marriage Formulas

1. रामचरितमानस: मुश्किल वक्त में साथ

तुलसीदास जी रामचरितमानस में लिखते हैं कि सच्चे जीवनसाथी की पहचान सुख में नहीं बल्कि दुख की घड़ी में होती है। भगवान राम और माता सीता का रिश्ता हमें सिखाता है कि पति-पत्नी को एक-दूसरे का पूरक होना चाहिए। यानी वे एक-दूसरे को पूरा करते हैं। सच तो ये है, विपरीत परिस्थितियों में एक-दूसरे का हाथ थामे रखना ही असली प्रेम है।

2. ऋग्वेद: समझना और समझाना


ऋग्वेद के विवाह सूक्त में कहा गया है कि पति-पत्नी एक रथ के दो पहियों की तरह होते हैं। यदि दोनों के बीच सामंजस्य (Tuning) नहीं है, तो जीवन की गाड़ी पटरी से उतर सकती है। एक-दूसरे के मन की बात सुनना और विचारों की कद्र करना ही लंबी शादी का राज है। संवाद (Conversation) कर एक-दूसरे को समझें और प्यार से समझाएं। यह स्वस्थ रिश्ते (Healthy Realtionship) का सीक्रेट है।

3. विदुर नीति: मीठी वाणी का जादू


महाभारत काल की विदुर नीति कहती है, रिश्ते में कड़वाहट का सबसे बड़ा कारण भाषा होती है। कठोर शब्द और घमंड सुखी घर-पिरवार को भी बर्बाद कर सकते हैं। जिस घर में महिलाओं की इज्जत होती है और पुरुष अपनी जिम्मेदारी समझता है, वहां हमेशा बरकत रहती है। शास्त्र तो "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः" की बात करते हैं। यानी जहां नारियों को पूजा जाता है, वहां देवताओं का वास होता है।

मैरिड लाइफ में गलती से भी न करें ये काम | Married Life Mistakes

अक्सर नए जोड़े (Couples) जोश में आकर ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो बाद में भारी पड़ सकती हैं:

  • पुराना इतिहास न कुरेदें: झगड़े में अक्सर लोग पुरानी बातें या पार्टनर के पास्ट को बीच में ले आते हैं। इससे झगड़ा खत्म होने की बजाय और बढ़ जाता है।कवि गिरिधर कविराय अपनी कुंडलियों में कहते हैं,बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेइ। जो बनि आवै सहज में, ताही में चित देइ॥ ताही में चित देइ, बात जोई बनि आवै। दुर्जन हंसे न कोइ, चित्त मैं खता न पावै॥अर्थः जो बीत गया उसे भूलकरर आगे की सोचो और तैयारी करो। जो कुछ आप आसानी से कर पा रहे हैं, उसी में ध्यान लगाओ। यदि आप ऐसा करते हैं, तो आपके मन में कभी तनाव और परेशानी नहीं होगी। बुरे लोग कभी आपका मजाक नहीं उड़ा सकेंगे। बस इतना समझ लें, बीती बातों को दोहराना रिश्ते में जहर घोलने जैसा है। केवल यह ध्यान रखें कि आपका पार्टनर वर्तमान (Present) में आपको साथ कैसा है।
  • तीसरे को न आने दें:चाणक्य नीति कहती है कि बेडरूम (घर-परिवार) की बातें कभी बाहर नहीं जानी चाहिए। चाहे दोस्त हों या रिश्तेदार, अपने आपसी झगड़ों में किसी और का दखल न होने दें। लोग उनकी समझ से आपको ज्ञान देते हैं, लेकिन आप दोनों से बेहतर आपको कोई नहीं समझ और समझा सकता।
  • दूसरों से तुलना करना: अपने जीवनसाथी की तुलना किसी और से कभी नहीं करना चाहिए। परफेक्ट कोई नहीं होता। हर इंसान अलग होता है, अपनी खुशी दूसरों की तरक्की देखकर कभी-भी कम न होने दें। याद रखें, सुख-दुख मानसिक अवस्था है। यदि आप पॉजिटिव सोचेंगे, तो कभी दुखी न रह सकेंगे।
  • मजाक उड़ाना: सबके सामने अपने पार्टनर को नीचा दिखाना या उसका मजाक उड़ाना बंद करें। आपसी सम्मान (Respect) के बिना प्यार ज्यादा दिन नहीं टिक पाता।

शारीरिक बंधन नहीं आध्यात्मिक संबंध है शादी

शादी को केवल शारीरिक आकर्षण न समझें, बल्कि इसे एक आध्यात्मिक सफर मानें। त्याग, वफादारी, आपसी सम्मान और वाणी का संयम ही वो चाबी है, जिससे आप मैरिड लाइफ की खुशियों के ताले हमेशा के लिए खोल सकते हैं।