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#Ratlam में स्कूल बसों की चेकिंग, एसएलडी नहीं मिले चालू

रतलाम. स्कूल बसों की चेकिंग में शनिवार को आरटीओ को चार बसों के स्पीड गवर्नर ‘एसएलडी’ चालू हालत में नहीं मिले, तीन बसों में अग्निशमन यंत्रों की वैधता की अवधि समाप्त मिली। सात बसों से 21 हजार का समझौता शुल्क वसूल कर स्कूल संचालकों को हिदायत दी कि पांच दिन में कमी को सही करवाकर […]

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आरटीओ की जांच में स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर चालू नहीं मिले तो किसी की अग्निशमन यंत्र की वैधता समाप्त

रतलाम. स्कूल बसों की चेकिंग में शनिवार को आरटीओ को चार बसों के स्पीड गवर्नर ‘एसएलडी’ चालू हालत में नहीं मिले, तीन बसों में अग्निशमन यंत्रों की वैधता की अवधि समाप्त मिली। सात बसों से 21 हजार का समझौता शुल्क वसूल कर स्कूल संचालकों को हिदायत दी कि पांच दिन में कमी को सही करवाकर वाहनों का भौतिक सत्यापन कार्यालय में प्रस्तुत करें।

कलेक्टर के निर्देशानुसार स्कूलों में शनिवार को जिला परिवहन अधिकारी जगदीश बिल्लोरे एवं स्टॉफ ने की। इस कारण से वाहनों का समझौता शुल्क 12 हजार रुपए वसूल किए। तीन स्कूल बसों में अग्निशमन यंत्रों की वैधता अवधि समाप्त होने पर 9 हजार रुपए वसूले किए। आरटीओ बिल्लोरे ने बताया कि स्कूल बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, पीयूसी, आपातकालीन खिडक़ी व दरवाजे, व्हीएलटीडी, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, पैनिक बटन की जांच की गई एवं स्पीड गवर्नर को बारीकी से चेक किया गया।

पांच दिन में वाहन भौतिक सत्यापन तो फिर कार्रवाई
कुछ स्कूल वाहनों में लगे अग्निशमन यंत्रों की वैधता जांची गई तथा जांच उपरांत अग्निशमन यंत्रों को चलवाए जाकर चेक किया गया, जो कि वैध अवधि में पाए गए। कुल सात वाहनों से 21 हजार रुपए वसूल कर स्कूल संचालकों को हिदायत दी गई कि वे अपनी स्कूल वाहनों में वैध अवधि के अग्निशमन यंत्र तथा गति नियंत्रक यंत्र चालू करवाए, तथा पांच दिन में वाहन भौतिक सत्यापन के लिए कार्यालय में प्रस्तुत करें। नहीं करने पर उक्त वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत पुन: चालानी कार्रवाई की जाएगी।

छह बस अटेन्डरों की नजर कमजोर
महू नीमच रोड पर स्थित हिमालय इंटरनेशनल स्कूल द्वारा ओजस आई हॉस्पिटल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. रिंकू रन्धा बघेल ने 42 स्कूल बसों के चालकों एवं बस अटेन्डरों के नेत्रों का परीक्षण किया। जिसमें 36 चालक एवं अटेन्डर नेत्र परीक्षण में फीट पाए गए एवं छह चालक एवं अटेन्डर की नजर कमजोर पाई जाने से उन्हें चश्मे के नंबर दिए जाकर उन्हें नंबर का चश्मा बनवाने के निर्देश दिए। चालकों एवं अटेन्डरों का पुलिस चरित्र सत्यापन की जांच की। चार चालकों के चरित्र सत्यापन की अवधि समाप्त होने पर नवीन चरित्र सत्यापन बनवाया जाकर सात दिवस में जिला परिवहन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के लिए निर्देशित किया।