
bedach ka naka Project
कुंभलगढ़. कुंभलगढ़ और चारभुजा के बीच अरावली की पहाड़ियों में स्थित बेड़च का नाका वर्षों से इस क्षेत्र की जल-आकांक्षाओं का प्रतीक रहा है। बारिश के मौसम में अरावली की पहाड़ियों से बहकर मारवाड़ की ओर जाने वाले पानी को सहेजने और ग्रामीण इलाकों में पेयजल का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बेड़च का नाका पेयजल परियोजना की परिकल्पना की गई थी। इस परियोजना की नींव वर्ष 1999 में उस समय रखी गई, जब प्रदेश में पहली बार अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने थे। चारभुजा क्षेत्र में तत्कालीन वरिष्ठ नेता हीरालाल देवपुरा के प्रयासों से प्रदेश के मंत्रियों की उपस्थिति में इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास हुआ। यह परियोजना कुंभलगढ़ पंचायत समिति के अंतर्गत चारभुजा क्षेत्र की 15 ग्राम पंचायतों के लगभग तीन दर्जन गांवों के लिए पेयजल की जीवनरेखा बनने वाली थी। हालांकि, शिलान्यास के बाद लंबे समय तक यह योजना फाइलों तक ही सिमटी रही और धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं हो सका।
वर्षों के इंतजार के बाद अब इस बहुप्रतीक्षित योजना को नई गति मिलने जा रही है। भजन लाल सरकार ने चालू बजट में 60 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर चारभुजा क्षेत्र की 15 ग्राम पंचायतों के करीब तीन दर्जन गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रस्तावित बेड़च का नाका डेम की क्षमता 22 एमसीएफटी रखी गई है, जो क्षेत्र की पेयजल जरूरतों को लंबे समय तक पूरा करने में सक्षम होगी।
जिले की चारभुजा तहसील में बनने वाली यह बहुप्रतीक्षित पेयजल परियोजना अब मैप स्तर पर पूरी तरह तैयार हो चुकी है। 58.22 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना के तहत बेड़च का नाका डेम का निर्माण किया जाएगा।
बेड़च का नाका का कुल कैचमेंट एरिया 14 वर्ग किलोमीटर रहेगा। चारभुजा क्षेत्र की अरावली पहाड़ियों से रिसकर आने वाला वर्षा जल सीधे इस डेम में एकत्र होगा, जिससे क्षेत्र की जल-सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
Updated on:
31 Dec 2025 09:49 pm
Published on:
31 Dec 2025 09:41 pm

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