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महाशिवरात्रि पर नेहरू घाट में अफरा-तफरी, शाही स्नान के बीच बाधित हुई अखाड़ों की कतार, देखें Video

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के शाही स्नान के दौरान नेहरू घाट पर शोभायात्रा में शामिल डीजे वाहन रेत में धंस गया, जिससे अखाड़ों की अनुशासित कतार बाधित हो गई और अफरा-तफरी मच गई।

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रायपुर

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Laxmi Vishwakarma

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विनोद जैन

Feb 15, 2026

महाशिवरात्रि पर अफरा-तफरी (photo source- Patrika)

महाशिवरात्रि पर अफरा-तफरी (photo source- Patrika)

Mahashivratri 2026: विनोद जैन/गोबरा नवापारा। महाशिवरात्रि के अवसर पर शाही स्नान और अखाड़ों की शोभायात्रा के बीच नेहरू घाट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शोभायात्रा में शामिल एक डीजे वाहन अस्थायी मार्ग पर रेत में धंस गया। वाहन के फंसते ही पीछे चल रहा अखाड़ा खंड-खंड में बंट गया और संतों की अनुशासित कतार बाधित हो गई।

CG News: भारी भीड़ के चलते लोगों को हुई परेशानी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जो अखाड़ा पूर्व वर्षों में लगभग एक किलोमीटर लंबी भव्य श्रृंखला में आगे बढ़ता था, वह इस बार बिखरा हुआ नजर आया। इससे साधु-संतों में नाराजगी देखी गई और उन्होंने व्यवस्था को लेकर असंतोष व्यक्त किया। काफी देर बाद क्रेन की सहायता से वाहन को बाहर निकाला गया, तब जाकर आवागमन सामान्य हो सका। इस दौरान अनेक दर्शक लंबा इंतजार कर निराश होकर लौट गए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट की ओर जाने वाला अस्थायी मार्ग लगभग 14 दिनों तक बंद रहा और मात्र तीन फीट चौड़े हिस्से से ही आवागमन जारी रखा गया, जिससे सड़क पर्याप्त मजबूत नहीं हो पाई। भारी वाहन का भार सहन न कर पाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई। नगरवासियों ने आयोजन से जुड़ी इवेंट कंपनी पर नगर की गरिमा की उपेक्षा कर अपने हित साधने का आरोप भी लगाया।

भक्ति गीतों और जयघोष से वातावरण भक्तिमय

CG News: इसी बीच भगवान दत्तात्रेय की पालकी नगर में निकाली गई, जहां श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से पूजन-अर्चन किया। विभिन्न स्थानों पर पालकी का स्वागत पुष्पवर्षा और आरती के साथ किया गया। भक्ति गीतों और जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

हालांकि अव्यवस्था के कारण अनेक श्रद्धालु साधु-संतों और अखाड़ों के भव्य दर्शन से वंचित रह गए, लेकिन भगवान दत्तात्रेय की पालकी के दर्शन कर लोगों ने स्वयं को धन्य माना।अव्यवस्था ने जहां भव्य अखाड़ा शोभा को प्रभावित किया, वहीं श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने भगवान की पालकी में अपनी संतुष्टि और विश्वास दिखाया।