रायपुर, Jun 05, 2026

रायपुर निगम यूजर चार्ज पर सियासत (photo source- Patrika)
Raipur User Charge hike: रायपुर नगर निगम द्वारा संपत्ति कर के साथ यूजर चार्ज बढ़ाने का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। कांग्रेस के विरोध के बाद अब आम नागरिकों और व्यापारियों ने भी इस फैसले के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि जब शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं है, तब अतिरिक्त शुल्क लेना जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने जैसा है। बढ़ती महंगाई के बीच यूजर चार्ज में बढ़ोतरी को लेकर शहर में नाराजगी का माहौल बनता जा रहा है।
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा अब वही फैसला लागू कर रही है, जिसका उसने पहले विरोध किया था। साल 2022 में जब नगर निगम में कांग्रेस की परिषद थी, तब भाजपा ने यूजर चार्ज बढ़ाने का जोरदार विरोध किया था। उस समय मौजूदा महापौर मीनल चौबे नेता प्रतिपक्ष थीं।
15 मार्च 2022 को सामान्य सभा की बैठक में भाजपा पार्षदों ने संपत्ति कर और यूजर चार्ज बढ़ाने के खिलाफ जमकर हंगामा किया था। भाजपा पार्षदों ने आसंदी का घेराव किया, जिसके बाद आठ पार्षदों को निलंबित कर दिया गया था। उस दौरान नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने संपत्तिकर और यूजर चार्ज पर चर्चा की मांग की थी। लेकिन सभापति प्रमोद दुबे द्वारा बाद में चर्चा कराने की बात कहे जाने पर भाजपा पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी थी।
हंगामे के बाद भाजपा पार्षद नगर निगम कार्यालय के बाहर आ गए थे। उस दौरान राज्यपाल अनुसुईया उइके का कार्यक्रम भी तय था। महापौर भाजपा पार्षदों को मनाने बाहर पहुंचीं, लेकिन वे अंदर नहीं आए। स्थिति बिगड़ने पर सभापति प्रमोद दुबे ने सभा स्थगित कर दी थी। बाद में जब भाजपा पार्षद अंदर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनकी कुर्सियों पर कांग्रेस कार्यकर्ता बैठे हुए हैं। इसके बाद फिर विवाद बढ़ गया और भाजपा पार्षद दोबारा बाहर चले गए।
वर्तमान नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले तक शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लगे हुए थे और सफाई व्यवस्था प्रभावित रही।
आकाश तिवारी ने कहा कि यूजर चार्ज तभी लिया जाना चाहिए, जब नगर निगम हर घर से नियमित कचरा संग्रहण और बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि शहर के कई इलाकों में आज भी समय पर कचरा नहीं उठता। ऐसे में महंगाई के दौर में अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना जनता के साथ अन्याय है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
महापौर मीनल चौबे ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यूजर चार्ज बढ़ाने की प्रक्रिया नई नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में कांग्रेस परिषद ने ही यूजर चार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया था। महापौर ने कहा कि उस समय भाजपा ने इसका विरोध जरूर किया था, लेकिन कांग्रेस परिषद ने नियमों और राजपत्र का हवाला देकर इसे मंजूरी दी थी। उन्होंने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी के साथ हुए अनुबंध में यह तय किया गया था कि कंपनी को भुगतान यूजर चार्ज से किया जाएगा। यह अनुबंध भी कांग्रेस शासनकाल में ही स्वीकृत हुआ था।
महापौर ने माना कि अभी शहर में 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नहीं हो पा रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि नगर निगम की जिम्मेदारी है कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने की कोशिश की जाएगी। महापौर के मुताबिक वर्ष 2025 में यूजर चार्ज में संशोधन होना था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। अब शासन के निर्देशों के अनुसार मामूली बढ़ोतरी की गई है।
यूजर चार्ज बढ़ने के बाद आम नागरिकों और व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि पहले सफाई व्यवस्था पूरी तरह सुधारनी चाहिए, उसके बाद ही अतिरिक्त शुल्क लेना चाहिए। प्रतीक तिवारी ने कहा कि महंगाई पहले से ही लोगों की कमर तोड़ रही है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर पेट्रोल-डीजल तक सब कुछ महंगा हो चुका है। ऐसे में यूजर चार्ज बढ़ाने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
व्यापारी अशोक पटेल ने कहा कि शहर के कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं हो रही है और कचरा समय पर नहीं उठाया जाता। जब नगर निगम बेहतर सुविधा नहीं दे पा रहा, तब यूजर चार्ज बढ़ाना गलत है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी खुद हड़ताल पर हैं, ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लेने का औचित्य समझ से परे है।
यूजर चार्ज वृद्धि के विरोध में गुरुवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने तेलीबांधा तालाब के पास हस्ताक्षर अभियान चलाया। कांग्रेस का दावा है कि सैकड़ों लोगों ने इसमें हिस्सा लेकर यूजर चार्ज वृद्धि और महंगाई के खिलाफ हस्ताक्षर किए। बाद में हस्ताक्षरित फ्रेम को नगर निगम मुख्यालय के सामने लगाकर विरोध दर्ज कराया गया। कांग्रेस ने साफ कहा है कि जब तक फैसला वापस नहीं लिया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।
यूजर चार्ज वह शुल्क होता है, जिसे नगर निगम शहर में दी जाने वाली कुछ सेवाओं के बदले नागरिकों से वसूलता है। रायपुर में यह शुल्क मुख्य रूप से घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे के परिवहन और सफाई व्यवस्था के संचालन के लिए लिया जाता है। नगर निगम का कहना है कि सफाई व्यवस्था और कचरा उठाने वाली एजेंसी पर होने वाले खर्च का एक हिस्सा यूजर चार्ज से पूरा किया जाता है। वहीं विरोध करने वालों का कहना है कि जब तक लोगों को पूरी सुविधा नहीं मिलती, तब तक यूजर चार्ज बढ़ाना उचित नहीं है।
Published on: 05 Jun 2026 08:25 pm

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