रायपुर, May 31, 2026

Pension Delay in Chhattisgarh(photo-patrika)
Pension Delay in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को लेकर बड़ा संकट सामने आया है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के तहत मिलने वाली राशि पिछले करीब छह महीने से प्रभावित है, जिससे लगभग 19 लाख हितग्राही परेशान हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। पेंशन नहीं मिलने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। ग्रामीण इलाकों में दवा, राशन और दैनिक जरूरतों के लिए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से जल्द समाधान की मांग की जा
प्रदेश के समाज कल्याण विभाग के दफ्तरों में रोजाना बड़ी संख्या में हितग्राही जानकारी लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें भुगतान को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है। पेंशन नहीं मिलने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है। वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजन सबसे अधिक प्रभावित हैं और उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लगातार देरी के कारण लोगों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
विभागीय जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि समय पर जारी नहीं होने के कारण पूरी भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इसके चलते राज्यांश का भुगतान भी अटक गया है। विभाग का कहना है कि कई बार केंद्र को पत्र भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
सबसे ज्यादा असर वृद्ध, विधवा महिलाएं और दिव्यांगजन पर पड़ा है। कई हितग्राहियों को दवा, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है। पेंशन रुकने से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
नगर निगम रायपुर के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने आरोप लगाया है कि केंद्र से अनुदान नहीं मिलने के कारण पेंशन भुगतान अटका हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान शुरू नहीं किया गया तो सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
सामाजिक कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार कुछ हितग्राहियों के बैंक KYC और तकनीकी कारणों के चलते भुगतान में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर निर्देश जारी किए गए हैं और प्रक्रिया को दुरुस्त किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि सभी पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
प्रदेश में करीब 19 लाख पेंशन हितग्राही हैं। औसतन 500 रुपए मासिक पेंशन के आधार पर छह महीने की देरी में लगभग 570 करोड़ रुपए से अधिक की राशि लाभार्थियों तक नहीं पहुंच सकी है। यह राशि सीधे तौर पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों, दवाइयों और जीवनयापन से जुड़ी हुई है। पेंशन में लगातार हो रही देरी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर डाला है और हितग्राहियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
Updated on: 31 May 2026 08:09 am

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