रायपुर, Apr 03, 2025

CG Film: देश के फिल्मी इतिहास में पहली बार भाई-बहन की जोड़ी हीरो-हीरोइन के रूप में देखने को मिलेगी। छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘मया बिना रहे नई जाय’ में करण और किरण चौहान ने हीरो-हीरोइन की भूमिका निभाई है। इसे लेकर एक तरफ जहां सोशल मीडिया में कंट्रोवर्सी चल रही है, वहीं छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के लोग दो धड़ों में बंट गए हैं। सोशल मीडिया में नैतिकता के हवाले से इसे गलत माना जा रहा है। निर्देशक प्रणव झा और प्रोड्यूसर मोहित साहू ने सार्वजनिक तौर पर आपत्ति जताई, वहीं छत्तीसगढ़ सिने एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर एसोसिएशन (सीसीटीपीए)ने क्लीन चिट दी है।
पिता बालकृष्ण चौहान और मां लच्छन बाई ने कहा, हमारे बच्चों ने अब तक 200 वीडियो एल्बम किए हैं। बच्चों के साथ ही हमरा भी सपना था कि उन्हें बड़े पर्दे पर देखें। इन्होंने जितने भी वीडियो एल्बम बनाए हैं सभी रोमांटिक ही हैं। उस वक्त तो किसी ने कुछ नहीं कहा, फिल्म में आने पर बेवजह की कंट्रोवर्सी क्रिएट की जा रही है।
करण और किरण बचपन से वीडियो एल्बम बना रहे हैं। अब तक इनके 200 से ज्यादा वीडियो एल्बम रिलीज हो चुके हैं, जिसे लगभग 1000 मिलियन व्यू मिल चुके हैं। इनकी बहुत इच्छा थी कि फिल्म करें। हमने इनके माता-पिता से चर्चा की और फिल्म बनाई। रही बात कंट्रोवर्सी की तो सबकी अपनी सोच होती है, हम किसी को कुछ नहीं बोल सकते। हमारा मकसद नहीं कि समाज में किसी प्रकार की कुरिति फैलाने की। हमने इंटरटेनमेंट के लिए फिल्म बनाई है।
संतोष कुर्रे, प्रोड्यूसर
सीसीटीपीए चेयरमैन संतोष जैन, ने कहा कि पर काया प्रवेश के कारण अभिनय को पंचम वेद माना गया है। पर्दे पर राम या रावण बना व्यक्ति निजी जीवन में क्या है, यह उसका निजी मामला है। हमें तो बस पर्दे वाली छवि तक ही खुद को सीमित रखना चाहिए। मदर इंडिया में सुनील दत्त की मां का रोल करने वाली नर्गिस वास्तविक जीवन में पति-पत्नी बने। फिल्म में जो दिखाया जाता है, उसकी तुलना वास्तविक जीवन के रिश्तों से जोडऩा सही नहीं है।
Updated on: 05 Apr 2025 12:48 pm

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