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25 किसान सौ हेक्टेयर में ऑयल पाम की कर रहे खेती, किसानों को मिल रहा नया संबल

CG News: अब तक 25 किसान द्वारा 100 हेक्टेयर से अधिक रकबे में ऑयल पाम का रोपण किकिसानोंया जा चुका है। विशेष रूप से विकासखंड आरंग के ग्राम गुजरा में 30 एकड़ भूमि पर ऑयल पाम की खेती हो रही है।

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ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा (photo source- Patrika)

ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा (photo source- Patrika)

रायपुर। तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में रायपुर जिले के किसान अब ऑयल पाम की खेती भी कर रहे है। केंद्र प्रवर्तित “नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल पाम” योजना के तहत की जा रही है। साल 2025-26 से जिले में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन प्रारंभ हुआ है। जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 25 किसान द्वारा 100 हेक्टेयर से अधिक रकबे में ऑयल पाम का रोपण किया जा चुका है। विशेष रूप से विकासखंड आरंग के ग्राम गुजरा में 30 एकड़ भूमि पर ऑयल पाम की खेती हो रही है।

इस योजना के अंतर्गत किसानों को रोपण के लिए 29 हजार रुपए, रखरखाव के लिए 6,750 रुपए, अंतरवर्ती फसल के लिए 10,250 रुपए, फेंसिंग के लिए 54,485 रुपए, नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के लिए 72 हजार रुपये और ड्रिप इरीगेशन के लिए 22,765 रुपए तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इससे किसानों को प्रारंभिक निवेश में बड़ी राहत मिल रही है।30 साल तक मिलेगा खेती का उपजएफएफबी (फ्रेश फ्रूट बंच) के बीज का विक्रय 20 रू प्रति किलो की दर से किया जाएगा। आरंग में 22 किसान और अभनपुर में 3 की ओर से 104 हेक्टेयर में जिलें में खेती की जा रही है।

इस खेती की विशेषता यह है कि रोपण के लगभग तीन साल बाद उत्पादन शुरु हो जाता है और 25 से 30 साल तक लगातार उपज प्राप्त होती है। वहीं इस योजना में न्यूनतम या अधिकतम भूमि की कोई बाध्यता नहीं है और सभी वर्ग के किसान पात्र हैं। इच्छुक किसान अपने विकासखंड के शासकीय उद्यान रोपणी में आवेदन कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।