
Imtiaz Jalil supports Seher Sheikh: महाराष्ट्र की राजनीति में हरा और भगवा रंग की राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इसकी शुरुआत ओवैसी की पार्टी की नई पार्षद सहर शेख ने की थी, लेकिन भाजपा नेता की शिकायत के बाद एकनाथ शिंदे का पलटवार और अब मीम पार्टी के महाराष्ट्र प्रमुख इम्तियाज जलील का बयान सामने आया है। दरअसल, उन्होंने सहर शेख का समर्थन करते हुए दावा किया है कि केवल मुंब्रा ही नहीं बल्कि आने वाले वक्त में पूरे महाराष्ट्र को हरे रंग में रंग दिया जाएगा।
आपको बता दें कि इस रंग का विवाद महानगरपालिका चुनाव के बाद AIMIM की युवा पार्षद सहर शेख के बयान से हुआ था। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि अल्लाह उनके साथ है और मजलिस की ताकत भी उनके पास है, इसलिए वे किसी पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि अगले पांच साल में मुंब्रा को हरे रंग में रंगने का काम किया जाए। पार्षद ने यह भी दावा किया कि आने वाले पांच वर्षों में मुंब्रा की हर सीट पर AIMIM का उम्मीदवार नजर आएगा।
गौरतलब है कि पार्षद सहर शेख के बयान पर अब राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रतिक्रिया दी है। सहर शेख के मुंब्रा को “हरे रंग” में रंगने वाले बयान पर टिप्पणी करते हुए शिंदे ने उन्हें नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मुंब्रा ठाणे जिले का हिस्सा है और ठाणे की पहचान भगवा रंग से जुड़ी हुई है, ऐसे में भगवा में हरा रंग कैसे शामिल किया जा सकता है। डिप्टी सीएम ने यह बात 23 जनवरी को शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के 100वें जन्मदिवस के मौके पर कही।
भाजपा नेता किरीट सोमैया मुंब्रा थाने पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने ओवैसी की पार्षद सहर शेख को नोटिस जारी कर भड़काऊ बयान न देने की चेतावनी दी। जैसे ही उनके बयान पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बने, सहर शेख ने अपनी बात साफ की। उन्होंने कहा कि उन्होंने हरे रंग की बात इसलिए की क्योंकि यही उनकी पार्टी के झंडे का रंग है। उनका कहना था कि अगर झंडे का रंग भगवा या नीला होता, तो वे मुंब्रा को उसी रंग में रंगने की बात करतीं।
Published on:
24 Jan 2026 06:57 pm
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