17 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ी मुश्किलें, आशुतोष महाराज ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, मानहानि का केस दायर

प्रयागराज के माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के बीच विवाद शुरू हुआ। आशुतोष महाराज ने पोक्सो कोर्ट में गुरुकुल में नाबालिगों के शोषण का आरोप लगाया।

2 min read
Google source verification
शंकराचार्य और आशुतोष महाराज के बीच आरोपों की जंग कोर्ट पहुंची

शंकराचार्य और आशुतोष महाराज के बीच आरोपों की जंग कोर्ट पहुंची

Petition filed in court against Shankaracharya Avimukteshwarananda: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष महाराज के बीच विवाद तेज हो गया है। यह मामला धार्मिक जगत में काफी चर्चा में है। दोनों तरफ से गंभीर आरोप लग रहे हैं और अब कोर्ट में भी केस चल रहे हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

यह सब प्रयागराज के माघ मेले के दौरान शुरू हुआ। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज (जिन्हें आशुतोष महाराज भी कहा जाता है) ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने 8 फरवरी को प्रयागराज की स्पेशल पोक्सो कोर्ट में वाद दायर किया। आरोप है कि अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर और गुरुकुल में नाबालिग बच्चों का यौन शोषण हो रहा है। आशुतोष महाराज ने दो बच्चों को कोर्ट में पेश भी किया और कहा कि गुरुकुल की आड़ में बाल उत्पीड़न और अन्य अवैध काम हो रहे हैं। कोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी किया और सुनवाई चल रही है।

अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया। उन्होंने कहा कि यह साजिश है और उनके गौ-संरक्षण कार्य तथा अन्य मुद्दों से जुड़ा है। उन्होंने सोशल मीडिया और मीडिया में बयान दिए, जिसमें आशुतोष महाराज को 'पेशेवर अपराधी', 'हिस्ट्रीशीटर', 'जेल काटने वाला', 'बदमाश' जैसे शब्दों से संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि आशुतोष पर पहले भी कई आपराधिक मामले हैं।

नया केस- मानहानि का आरोप

अब विवाद और बढ़ गया है। सोमवार को आशुतोष ब्रह्मचारी ने कैराना (शामली जिला, उत्तर प्रदेश) की अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में परिवाद दायर किया। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद पर मानहानि, डिजिटल दुष्प्रचार और झूठे बयानों का आरोप लगाया। आशुतोष महाराज का कहना है कि अविमुक्तेश्वरानंद ने वीडियो बयानों में उन्हें 'पेशेवर अपराधी', 'बदमाश' आदि कहा, जबकि कोई कोर्ट ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया है। इससे उनकी धार्मिक और सामाजिक इज्जत को नुकसान पहुंचा है। कोर्ट ने इस परिवाद को स्वीकार किया और अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की है।

दोनों तरफ की जुबानी जंग

दोनों पक्ष सोशल मीडिया और मीडिया पर एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं। आशुतोष महाराज प्रयागराज कोर्ट में यौन शोषण केस चला रहे हैं, जबकि अब वे खुद मानहानि केस में शिकायतकर्ता बन गए हैं।