प्रयागराज, Jun 04, 2026

प्रयागराज में 4 लोगों की हत्या का आरोपी गिरफ्तार (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Four People Murder in Prayagraj: प्रयागराज में एक ही परिवार में 4 लोगों की हत्या के मामले में खौफनाक सच सामने आया है। पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी शनी गुप्ता ने हत्या करने के बाद करीब 11 घंटे तक साक्ष्य मिटाए। सबूत मिटाने के बाद आरोपी ने घर में नहाया, फिर मृतक वीरेंद्र की टी-शर्ट और अभिषेक के जूते पहनकर बाहर निकल गया। इसके बाद शनी गुप्ता ने मकान और दुकान में ताला लगा दिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रविवार की शाम को 6 बजे तक वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और अभिषेक की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शनी गुप्ता सुबह करीब 5 बजे तक मकान के अंदर रहा।
उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के साउथ मलाका में हुई 4 लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने शनी गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खून के धब्बे मिटाने के लिए गर्म पानी के साथ ब्लीचिंग पाउडर, डिटर्जेंट पाउडर, हार्पिक, हल्दी और सरसों के तेल का इस्तेमाल किया। उसने शव के आसपास के खून को साफ किया। पुलिस को मौके पर आरोपी की शर्ट और सफाई के अन्य कपड़े भी मिले हैं। चारों की हत्या करने के बाद जेवर और जगदीश लेकर मौके से निकल गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को आशंका थी कि शव से दुर्गंध बाहर निकलेगी। इसलिए सभी के शव को कंबल और रजाई से ढक दिया। इसके बाद अलमारी में रखे हुए कपड़े भी शव के ऊपर डाल दिए, जबकि अभिषेक के शव को दुकान के अंदर बंद कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के माध्यम से पुलिस आरोपी तक पहुंची। कॉल डिटेल से जानकारी हुई कि अभिषेक और आरोपी शनी गुप्ता के बीच पिछले एक सप्ताह में 15 से अधिक बार बातचीत हुई है। अंतिम बातचीत भी शनी के नंबर पर हुई। इसके बाद पुलिस ने शनी के बारे में जानकारी प्राप्त की। पता चला कि धीरेंद्र वैश्य की मार्केट में ही शनी, समोसे-कचौड़ी की दुकान चलाता है। शनी की अभिषेक से दोस्ती थी, दोनों एक साथ बैठकर शराब भी पीते थे।
डीसीपी मनीष कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से जानकारी हुई कि एक व्यक्ति सुबह 5 बजे घर से निकल रहा है। स्थानीय लोगों से उसके विषय में जानकारी प्राप्त की गई तो पता चला शनी गुप्ता है। इसके बाद पुलिस का ध्यान शनी गुप्ता पर ही स्थिर हो गया और उसके खिलाफ साक्ष्य एकत्र किए। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने ही हत्या की है और साक्ष्य को भी मिटाने का प्रयास किया।
शनी ने बताया कि धर्मेंद्र वैश्य और अभिषेक के बीच विवाद की स्थिति बनी रहती थी। 2022 में धर्मेंद्र ने अपने बेटे अभिषेक को भी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इस समय अभिषेक कर्ज में डूबा था। बीते रविवार को दोपहर में अभिषेक और शनी ने साथ बैठकर कचोड़ी खाई, बियर भी पिया। इसी दौरान दोनों ने साजिश रची।
पूर्व योजना के अनुसार, शाम को 5 बजे रोज की तरह मीनाक्षी दुकान खोलने आई। जैसे ही उसने दरवाजा खोला, उसके ऊपर अभिषेक में लोहे के राड से हमला कर दिया और शनि ने उसे अंदर खींच लिया। दोनों मीनाक्षी को घसीटते हुए ऊपर लेकर गए। इस दौरान मीनाक्षी की मौत हो चुकी थी। फिर दोनों वीरेंद्र और अनीता के कमरे में पहुंचे जहां दोनों सो रहे थे। उन दोनों की भी हत्या कर दी। घर में रखें जेवर और कीमती सामान समेट लिया। पुलिस आयुक्त योगेंद्र कुमार ने बताया कि शनी गुप्ता निवासी मुट्ठीगंज को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से एक किलो सोना, 360 ग्राम चांदी और एक हजार नगद, ताले की चाबी भी बरामद हुई है।
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Published on: 04 Jun 2026 07:47 pm

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