
हल्की धूप, मंद समीर और चारों ओर फैली हरियाली के बीच रंग-बिरंगे दुपट्टों की लहराती छटा ने दृश्य को और भी मनोहारी बना दिया। उदयपुर में खेतों में खिली सरसों और युवतियों की मुस्कान ने बसंत के आगमन का संदेश दिया, जहां प्रकृति और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। प्रमोद सोनी

भोपाल में बसंत पंचमी पर सरसों के फूलों से खेतों में फैला बसंत । शीत ऋतु के बाद बसंत ऋतु के आगमन का हुआ आगमन । चारों ओर फैली पीले पीले सरसों की खुशबू । दृश्य रातीबड़ रोड़ का । फोटो सुभाष ठाकुर

सूरत में बसंत पंचमी पर शहर के पनास क्षेत्र में फैले खेतों में पीली सरसों की लहराती फसल मानो पूरे वातावरण में बसंत की बहार बिखेर रही हो। सुनहरी धूप में चमकते सरसों के फूल खेतों को ऐसे सजा रहे थे, जैसे धरती ने पीले रंग की चादर ओढ़ ली हो।

शहडोल में खिले पीले फूलों की एक झलक

जोधपुर में ऋतुओं का राजा बसंत पंचमी पर्व के पूर्व सुरपुरा स्थित एक खेत में लहरा रहे गेंदे के फूल के बीच चुनरिया लहराती युवतियां। फ़ोटो- गौतम उडेलिया

नागौर में बसंत पंचमी पर एक बगीचे में खिले पीले फूल