Chandresalmath:शिवदर्शन के संग मगरमच्छों का रोमांच….
कोटा.शहर और आसपास पर्यटकों को आकर्षित करने वाले कई दर्शनीय स्थल हैं, इन्ही में से चन्द्रेसल मठ, जो आध्यात्म की दृष्टि से महत्वपूर्ण है तो यहां वाइल्ड लाइफ भी है। 10 वीं शताब्दी का यह मठ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केन्द्र है, लेकिन यहां पास में िस्थत चन्द्रलोई नदी की पहचान मगरमच्छों के लिए बन रही है। नदी में 100 से अधिक मगरमच्छों की संख्या बताई जाती है। ये मगरमच्छ मंदिर में जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और ग्रामीणों को रोमांचित कर देते हैं। नदी के बीच चट्टानों और किनारो पर इन मगरमच्छों को की दुनिया को करीब से देखा जा सकता है। कई बार तो एक साथ कई मगरमच्छ नजर आ जाते हैं। कोई शिकार पर घात लगाए मुंह खोले, कोई अपनी धुन में गुनगुनाती धूप में मौसम का आनंद लेते नजर आ जाता है। विशेष रूप से बाहर से आने वाले लोगों को ये मगरमच्छ आकर्षित कर कर लेते हैं। मगरमच्छों के झुंड को देख आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहता।