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पटना, Jun 03, 2026

कौन हैं रौशन आनंद सर? जिन्हें खान सर की कोचिंग पर हमले के आरोप में किया गया अरेस्ट

Roshan Anand arrested: पटना में खान सर के कोचिंग पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद सर और उनके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। तो आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं रोशन आनंद सर? 

Khan Sir coaching attack Roshan Anand arrested

रौशन आनंद सर (फ़ाइल फोटो)

Roshan Anand arrested: बिहार की राजधानी पटना का मुसल्लहपुर मंगलवार रात को अचानक एक जंग का मैदान बन गया। मशहूर शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज' पर 15 से 20 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। गेट तोड़ दिए गए, ईंट-पत्थर फेंके गए और सुरक्षा गार्ड की पिटाई भी की गई। इस हाई-प्रोफाइल मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पटना के एक और लोकप्रिय कोचिंग संस्थान 'ज्ञान बिंदु GS एकेडमी' के संस्थापक और निदेशक रौशन आनंद सर को उनके दो साथियों अभिषेक और गौरव के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

माता-पिता चाहते थे कि रोशन इंजीनियर बनें

बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले रौशन आनंद के माता-पिता उन्हें इंजीनियर बनते देखने का सपना देखते थे। लेकिन, रौशन ने एक अलग रास्ता चुना, वह सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली परीक्षाओं की तैयारी करने लगे। सहरसा में अपना ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद, वे 2017 में पटना आ गए और खुद को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में पूरी तरह समर्पित कर दिया।

प्रतियोगी परीक्षाओं में नहीं मिली सफलता

रौशन आनंद ने कई बार अलग-अलग सरकारी नौकरियों की परीक्षाएं दीं। उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और दारोगा भर्ती जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिन-रात एक कर दिया। हालांकि, वे हर बार कुछ अंकों के अंतर से चूक जाते थे। लगातार मिली इन असफलताओं से कई लोग टूट जाते, लेकिन रौशन आनंद ने हार नहीं मानी और अपने लिए एक नया रास्ता बनाया। उन्होंने अपनी कमियों को अपनी सबसे बड़ी ताकत में बदलने का फैसला किया और दूसरे बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया।

4 बच्चों से की शुरुआत

रौशन आनंद ने बच्चों को पढ़ाने का फैसला तो कर लिया, लेकिन पटना में अपना खुद का कोचिंग सेंटर खोलने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। तब उनके एक करीबी दोस्त ने मदद का हाथ बढ़ाया और मुसल्लहपुर हाट में ज्ञान बिंदु GS एकेडमी की नींव रखी गई। शुरुआती दिनों में उनके पास पढ़ने के लिए सिर्फ 4 छात्र थे और कोचिंग का कमरा भी बेहद छोटा था। लेकिन रौशन आनंद सर के पढ़ाने का अंदाज छात्रों को इतना पसंद आया कि कुछ ही समय में छात्रों की संख्या चार से बढ़कर हजारों और फिर लाखों में पहुंच गई।

ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम मिलाकर ज्ञान बिंदु GS एकेडमी से आज 400,000 से ज्यादा छात्र जुड़े हुए हैं। आज यह संस्थान बिहार में सबसे बेहतरीन रिजल्ट देने के लिए जाना जाने लगा। आलम यह है कि आज बिहार के लगभग हर पुलिस थाने में रौशन आनंद सर का पढ़ाया हुआ कोई न कोई छात्र बतौर दारोगा नौकरी कर रहा है।

जब दारोगा बहाली के लिए त्याग दिए थे चप्पल-जूते

रौशन आनंद सर छात्रों के संघर्ष में सड़क पर भी उनका साथ देते हैं। साल 2025 में कुछ ऐसा ही हुआ, जब बिहार दरोगा भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर हजारों उम्मीदवार पटना की सड़कों पर उतर आए थे। छात्रों के इस आंदोलन की अगुवाई खुद रौशन आनंद सर ने की थी।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हो गई, जिसके चलते रौशन सर को हिरासत में ले लिया गया था। पुलिस की गाड़ी में बैठते समय उन्होंने शपथ ली थी कि जब तक बिहार सरकार दारोगा बहाली का विज्ञापन जारी नहीं कर देती, तब तक वे अपने पैरों में जूता-चप्पल नहीं पहनेंगे। इसके बाद वे महीनों तक नंगे पैर ही घूमते रहे और क्लास लेते रहे।

बहाली आने के बाद पाहणी चप्पल

इतना ही नहीं रौशन आनंद सर ने यह भी मन्नत मांगी थी कि 15 सितंबर तक बहाली आने पर वे बजरंगबली को 108 किलो लड्डू का भोग लगाएंगे। जब सरकार ने 1799 पदों पर बहाली निकाल दी, तब जाकर उन्होंने पैरों में चप्पल पहनी और छात्रों के बीच 108 किलो लड्डू बांटे थे।

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