
बिहार विधानसभा में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी
Bihar Vidhan Sabha: बिहार विधानसभा के प्रश्नकाल में सोमवार को गोपालगंज जिले में वर्षों पहले धार्मिक वीजा पर आए विदेशी नागरिकों के बस जाने का मामला जोरदार ढंग से उठाया गया। बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी ने दावा किया कि 1990 से 2015 के बीच बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक यहां धार्मिक यात्रा के बहाने पहुंचे और बाद में स्थायी रूप से रहने लगे। उन्होंने इस पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने और जांच की मांग की।
मिथिलेश तिवारी ने सदन को बताया कि 1995 और 2015 के बीच 173 विदेशी नागरिक धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से पहुंचे थे, लेकिन समय बीतने के साथ वे यहीं के होकर रह गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनमें से कई ने तो स्थानीय पहचान पत्र भी बनवा लिए हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति को सामान्य नहीं माना जा सकता और इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
विधायक ने कहा कि जिले में थावे मंदिर क्षेत्र आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, लेकिन कोई अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल नहीं है। हालांकि, प्रशासनिक दृष्टिकोण से पिछले कुछ सालों में रिपोर्ट किए गए विदेशी धार्मिक तीर्थयात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है। उन्होंने पूछा कि इन लोगों की निगरानी के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई और उनकी मौजूदा स्थिति क्या है। मिथिलेश तिवारी ने यह भी कहा कि विदेश से आए इनमें से कई लोगों ने आलीशान घर बनाए हैं।
डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों का उल्लेख हुआ है, उनमें से बड़ी संख्या पाकिस्तान से आने वालों की बताई गई है, जबकि कुछ अन्य देशों के नागरिकों का भी जिक्र है। उन्होंने बताया कि 173 लोगों में से करीब 168 पाकिस्तान से आए थे, जबकि कुछ अन्य ब्रिटेन और कजाकिस्तान से भी आए थे।
सम्राट चौधरी ने आश्वासन दिया कि धार्मिक वीजा पर आने वाले हर व्यक्ति के ठहराव, यात्रा और गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। मंत्री ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अवैध रूप से रहने, दस्तावेज हासिल करने या कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका मिलेगी, तो संबंधित एजेंसियों को जांच का निर्देश दिया जाएगा। राज्य सरकार इस विषय में केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कदम उठाएगी।
ऐसे लोगों द्वारा आधार कार्ड, वोटर कार्ड सहित अन्य ददासतवेज बनवा लिए जाने के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि यदि प्रमाण मिलते हैं तो सत्यापन कराया जाएगा। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई से परहेज नहीं किया जाएगा।
Updated on:
09 Feb 2026 02:04 pm
Published on:
09 Feb 2026 02:03 pm
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