पटना, Jun 06, 2026

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा। (Photo-IANS)
बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर शुक्रवार को बीजेपी और जेडीयू ने अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। दोनों दलों की ओर से घोषित उम्मीदवारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और मंत्री दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं है। वहीं, बीजेपी ने भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह को एमएलसी बनाने का फैसला किया है। लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह की उम्मीदवारी को उपेंद्र कुशवाहा और आर.के. सिंह की हार का एक प्रमुख कारण माना गया था। दूसरी ओर, दीपक प्रकाश पहले नीतीश कुमार सरकार और अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में बिना विधायक या विधान पार्षद बने मंत्री पद पर हैं। ऐसे में उन्हें जल्द ही किसी सदन का सदस्य बनना होगा, नहीं तो उनकी मंत्री पद की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। हालांकि, एनडीए कोटे की अभी एक सीट खाली है, जिस पर चिराग पासवान की पार्टी दावा कर रही है। इसी को लेकर गठबंधन के भीतर खींचतान और असहमति की चर्चा तेज हो
गई है।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई विधान परिषद की एक सीट पर उपचुनाव होना है। इसके अलावा विधान परिषद की कुल नौ रिक्त सीटों पर चुनाव होने हैं, जिनमें से आठ सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि एक सीट महागठबंधन के खाते में जाने की संभावना है। एनडीए ने अपने हिस्से की आठ सीटों में से सात पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इनमें चार उम्मीदवार बीजेपी और तीन उम्मीदवार जेडीयू के हैं। हालांकि, एक सीट अभी भी खाली है, जिस पर चिराग पासवान की पार्टी दावा जता रही है। इसी सीट को लेकर एनडीए के भीतर सियासी खींचतान तेज हो गई है।
बिहार विधान परिषद की नौ सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होना है। सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान की पार्टी और आरजेडी अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा आज (शनिवार) कर सकती हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पास विधानसभा में 19 विधायक हैं। पार्टी की ओर से अशरफ अंसारी, वेद प्रकाश पांडेय, इंदु कश्यप और शोभा सिंह पासवान के नाम संभावित उम्मीदवारों की सूची में बताए जा रहे हैं। इधर, विधान परिषद की एक सीट को लेकर एनडीए के भीतर सियासी खींचतान तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बची हुई सीट चिराग पासवान की पार्टी को दी जाएगी या फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के खाते में जाएगी। इस सस्पेंस से आज पर्दा उठने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, कुछ हलकों में यह भी चर्चा है कि क्या बीजेपी राज्यसभा चुनाव की तरह कोई नया राजनीतिक दांव चल सकती है। हालांकि, एनडीए के सूत्रों का कहना है कि एमएलसी चुनाव में ऐसा कोई समीकरण नहीं बन रहा है और गठबंधन के भीतर सहमति से फैसला लिया जाएगा।
यदि एनडीए नौवीं सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतारता है, तो उसे जीत सुनिश्चित करने के लिए आरजेडी या कांग्रेस में बड़ी टूट का इंतजार करना होगा। फिलहाल एनडीए ऐसी किसी राजनीतिक स्थिति पर निर्भर नहीं दिखना चाहता। ऐसे में मंत्री दीपक प्रकाश के एमएलसी बनने की संभावना फिलहाल कमजोर नजर आ रही है। संख्या बल की बात करें तो 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए के पास करीब 201 विधायकों का समर्थन है। पहले यह संख्या 202 थी, लेकिन बीजेपी विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उनकी विधानसभा सीट खाली हो गई है।
विधान परिषद चुनाव में एक उम्मीदवार की जीत के लिए लगभग 25 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से एनडीए आठ सीटों पर आराम से जीत दर्ज कर सकता है। वहीं, नौवीं सीट महागठबंधन के खाते में जाती हुई दिखाई दे रही है।
Published on: 06 Jun 2026 07:15 am

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