
मायावती | Image Source - 'X' @BSP
संत रविदास की जयंती पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती ने उन्हें शत्-शत् नमन किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास का मानवतावादी संदेश आज भी समाज को जोड़ने और समानता का मार्ग दिखाने वाला है।
संतगुरु रविदास का जन्म वाराणसी में उस समय हुआ। जब समाज में जाति-भेद गहराई से फैला हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने प्रभु-भक्ति और अपने कर्म के बल पर महान संत का स्थान प्राप्त किया। वे आजीवन सामाजिक कुरीतियों, विशेषकर जाति-भेदभाव के संघर्ष करते रहे। उनका स्पष्ट संदेश था कि मानव जाति एक है। सभी को समान भाव से, प्रेम और भाईचारे के साथ रहना चाहिए। उनका मानना था कि जाति-पाति समाज और मानवता के समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधा है।
सुश्री मायावती ने कहा कि संत रविदास जी ने सामाजिक परिवर्तन और मानवता के मूल्यों को अपनाने के लिए लोगों में जो चेतना जगाई। उसे भुलाया नहीं जा सकता। यही कारण है कि आज देश-विदेश में उनके करोड़ों अनुयायी उन्हें विभिन्न रूपों में स्मरण कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संत रविदास का प्रसिद्ध कथन ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ आज भी उतना ही प्रासंगिक है। जो मन की शुद्धता और कर्म की पवित्रता पर बल देता है।
बीएसपी सरकार द्वारा संत रविदास के सम्मान में उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। भदोही को संत रविदास जिला का दर्जा दिया गया। वाराणसी में संत रविदास पार्क, घाट और प्रतिमा की स्थापना हुई। फैजाबाद में संत रविदास राजकीय महाविद्यालय, चंदौली में संत रविदास पॉलिटेक्निक तथा वाराणसी में एससी/एसटी प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना भी की गई। गंगा नदी पर बने एक पुल का नाम संत रविदास के नाम पर रखा गया।
मायावती ने आरोप लगाया कि बाद की सरकारों ने राजनीतिक द्वेष के कारण संत रविदास जिला का नाम बदल दिया, जिसे अब तक बहाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि संत रविदास का संदेश किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज सेवा और इंसानियत की भलाई के लिए है। आज के समय में उनके विचारों को अपनाकर ही समाज में अमन, सौहार्द और समृद्धि लाई जा सकती है।
Updated on:
01 Feb 2026 05:22 pm
Published on:
01 Feb 2026 02:58 pm
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