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CG News: किसान परिवार के बेटे संजू मरकाम का बीएसएफ में चयन, बढ़ाया पूरे जिले का मान

CG News: छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले के ग्राम खड़का निवासी संजू मरकाम ने वर्ष 2024-25 में एसएससी जीडी परीक्षा के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। संजू की यह सफलता कठिन परिश्रम, मजबूत इच्छाशक्ति और जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क […]

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Jaisalmer India-Pakistan border BSF

BSF ने पकड़ा पाकिस्तानी घुसपैठिया (पत्रिका फाइल फोटो)

CG News: छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले के ग्राम खड़का निवासी संजू मरकाम ने वर्ष 2024-25 में एसएससी जीडी परीक्षा के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। संजू की यह सफलता कठिन परिश्रम, मजबूत इच्छाशक्ति और जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क लक्ष्य कोचिंग संस्थान के मार्गदर्शन का परिणाम है।

संजू मरकाम किसान परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे की शिक्षा में कभी कमी नहीं आने दी। संजू ने अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) में मास्टर डिग्री तक पढ़ाई की है। बचपन से ही वे खेती-किसानी में अपने पिता का हाथ बंटाते रहे, साथ ही मन में देशसेवा का सपना संजोए रहे। संजू बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही वर्दी से विशेष लगाव रहा है। जब भी किसी वर्दीधारी को देखते थे, तो उनके जैसा बनने का सपना देखते थे।

संजू अपनी सफलता का श्रेय जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क लक्ष्य कोचिंग संस्था, अपने माता-पिता, भाई-बहनों और परिवार के सहयोग को देते हैं। वे लक्ष्य कोचिंग संस्थान के पहले बैच के छात्र रहे हैं। प्रवेश परीक्षा में उन्होंने 19वां स्थान प्राप्त किया था। कोचिंग ज्वाइन करने के बाद उन्होंने लगातार मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ तैयारी की। संजू ने कहा कि यह निःशुल्क कोचिंग संस्था जिले के युवाओं के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम है।

पहले जिले के युवाओं को रायपुर या बिलासपुर जाकर महंगी कोचिंग ज्वाइन करनी पड़ती थी, लेकिन अब शासन द्वारा जिले में ही गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है, जो सराहनीय पहल है। यहां के शिक्षक प्रत्येक विषय को गहराई और सरलता से पढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन सुबह दौड़ के लिए जाते थे। उनकी दीदी और बड़े भैया ने उन्हें समय का महत्व समझाया और नियमित दौड़ व समय पर पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। आज उनका सपना हकीकत में बदल चुका है और वे अपनी सफलता से बेहद खुश हैं।