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पहाड़ में सेंध: कॉलोनी बसाने काटा पहाड़, खतरे में नीलगाय-मोर के घरोंदे

पहुआ वाली माता मंदिर के पास धड़ल्ले से काटी जा रही पहाड़ी

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पहुआ वाली माता मंदिर के पास धड़ल्ले से काटी जा रही पहाड़ी

पहुआ वाली माता मंदिर के पास धड़ल्ले से काटी जा रही पहाड़ी

पहुआ वाली माता मंदिर के पास धड़ल्ले से काटी जा रही पहाड़ी

ग्वालियर। शहर में कंक्रीट की कॉलोनियां बसाने की होड़ अब पहाड़ियों और जंगलों पर भारी पड़ने लगी है। बहोड़ापुर क्षेत्र में पऊआ वाली माता मंदिर के पास पहाड़ी को तेजी से काटा जा रहा है, जिससे वहां बसे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास खतरे में आ गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ वर्ष पहले तक पहाड़ी की तलहटी मुख्य सड़क तक फैली हुई थी, लेकिन लगातार कटाई के कारण पहाड़ पीछे खिसकता जा रहा है। आरोप है कि जमीन विकसित कर बेचने के लिए भू-माफिया पहाड़ी में सेंध लगा रहे हैं।

मोतीझील पहाड़ी का हिस्सा प्रभावित

सूरज नगर से सटी यह पहाड़ी मोतीझील क्षेत्र की पहाड़ी श्रृंखला का हिस्सा है। यहां घना हरित क्षेत्र होने से नीलगाय, मोर, तीतर सहित कई वन्य जीव और पक्षी निवास करते हैं। तेजी से हो रही कटाई से इनके घरोंदे उजड़ने का खतरा बढ़ गया है।

रहवासियों का कहना है कि जंगल खत्म होने पर वन्यजीव रिहायशी इलाकों में पहुंचेंगे, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बन सकती है।

दो दिशाओं से हो रही कटाई

स्थानीय निवासियों ने बताया कि मोतीझील पानी की टंकी जाने वाले मार्ग और पऊआ वाली माता मंदिर के सामने से पहाड़ को दो तरफ से काटा जा रहा है। प्रशासन और वन विभाग को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है।

कार्रवाई का आश्वासन

ग्वालियर वनमंडल अधिकारी मुकेश पटेल ने कहा कि पहाड़ी की कटाई करने वालों की पहचान की जाएगी। नियमों के विरुद्ध पहाड़ काटने की अनुमति नहीं है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।