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जयपुर में इस बार गर्मियों में आएगा जल संकट,सूरजपुरा फिल्टर प्लांट में आई तकनीकी खराबी

जयपुर. सर्दियों की ठंडी हवा में ही प्यास की चिंता गहराने लगी है। सूरजपुरा फिल्टर प्लांट की खामियां गर्मियों के आने से पहले ही यह आहट दे रही हैं कि शहर में मांग के अनुरूप जल आपूर्ति बिगड़ सकती है।बीसलपुर सिस्टम का सूरजपुरा फिल्टर प्लांट अपनी क्षमता से कम पानी दे रहा है। इंजीनियरों ने […]

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जयपुर. सर्दियों की ठंडी हवा में ही प्यास की चिंता गहराने लगी है। सूरजपुरा फिल्टर प्लांट की खामियां गर्मियों के आने से पहले ही यह आहट दे रही हैं कि शहर में मांग के अनुरूप जल आपूर्ति बिगड़ सकती है।बीसलपुर सिस्टम का सूरजपुरा फिल्टर प्लांट अपनी क्षमता से कम पानी दे रहा है। इंजीनियरों ने दबी जुबां स्वीकार किया कि जैसे-जैसे शहर में पृथ्वीराज नगर फेज-द्वितीय से पानी सप्लाई का दायरा बढ़ रहा है वैसे ही शहर में गर्मियों में जल संकट गहराने की चिंता बीसलपुर प्रोजेक्ट के इंजीनियरों के चेहरों पर साफ दिखने लगी है। उधर, बीसलपुर प्रोजेक्ट के इंजीनियर दावा कर रहे हैं कि एमएनआइटी की रिपोर्ट मिलने के बाद प्लांट के निर्माण में छोड़ी गई कमियों को सुधारा जाएगा, जिससे शहर में पानी की संकट नहीं आए।

सोमवार को पत्रिका ने कई स्तर पर बीसलपुर प्रोजेक्ट विंग के इंजीनियरों से प्लांट की क्षमता और शहर की बढ़ती पेयजल जरूरतों को लेकर बात की। एक इंजीनियर ने तो यहां तक कहा कि पृथ्वीराज नगर फेज-द्वितीय की टंकियों से जल्द से जल्द सप्लाई शुरू करने का दबाव प्रोजेक्ट विंग और जलदाय इंजीनियरों पर है। 46 में से करीब 33 टंकियों से सप्लाई शुरू होनी है। ऐसे में बीसलपुर सिस्टम पर 60 एमएलडी का अतिरिक्त भार बढ जाएगा। बीसलपुर प्रोजेक्ट के सीनियर इंजीनियर दावा कर रहे हैं कि प्लांट से 216 एमएलडी की जगह 120 एमएलडी पानी मिल रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि प्लांट से महज 80 से 90 एमएलडी पानी मिल रहा है।

बीसलपुर सिस्टम सिटी सप्लाई

-40 लाख आबादी है जयपुर शहर की

-59 करोड़ लीटर पानी की प्रतिदिन सप्लाई

-64 नई टंकियां बनी हैं पृथ्वीराज नगर फेज-प्रथम व द्वितीय में

-7 लाख की आबादी लाभान्वित होगी दोनों नए प्रोजेक्ट्स से

-8 करोड़ लीटर इजाफा हुआ है एक साल में शहर में पानी की मांग में