
rajasthan police ki chtak
भीलवाड़ा। देश के अन्य राज्य जहां अपनी पुलिस को आधुनिक सुविधाओं और हाईटेक संसाधनों से लैस कर रहे हैं, वहीं राजस्थान पुलिस आज भी जर्जर जीपों के सहारे कानून व्यवस्था संभालने को मजबूर है। एक ओर अपराधी महंगे लग्जरी वाहनों में सवार होकर पुलिस को चकमा दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस की हांफती पुरानी जीपें बीच रास्ते में ही दम तोड़ रही हैं।
जिले के ग्रामीण अंचलों की स्थिति बहुत विकट है। अधिकांश थानों में पुराने मॉडल की जीप हैं, जो खराब रास्तों पर अपराधियों का पीछा करने में सक्षम नहीं हैं। शहरी क्षेत्रों में भी गश्त का जिम्मा इन्हीं 'खटारा' वाहनों पर है। हालिया घटनाओं पर नजर डालें तो पुलिस ने जिन शातिर अपराधियों को दबोचा, वे लग्जरी और तेज रफ्तार वाहनों का इस्तेमाल कर रहे थे।
अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान पिछड़ा
दिल्ली, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने अपनी पुलिसिंग को 'स्मार्ट' बनाने के लिए बेड़े में हाइटेक एवं तेज रफ्तार वाहनों को शामिल किया है। दिल्ली पुलिस के बेडे में स्कॉर्पियो, अर्टिगा, इनोवा, कर्नाटक पुलिस के पास अर्टिगा, स्कॉर्पियो, बोलेरो , तमिलनाडु पुलिस के पास इनोवा, क्रिस्टा, बोलेरो, अर्टिगा तथा आंध्र प्रदेश पुलिस पास टोयोटा इनोवा, बोलेरो, टाटा नेक्सन(इवी) जैसे लग्जरी वाहन शामिल हैं। वहीं राजस्थान पुलिस पुरानी महिंद्रा जीप, बोलेरो (सीमित), खटारा वाहन के भरोसे ही हाइटेक हो रहे अपराधियों के पीछे दौड़ रही हैं।
गांवों के थानों में पुराने वाहन
जिले के शहरी क्षेत्र में हाल ही पुलिस थानों को बोलेरो वाहन मिले हैं, लेकिन ग्रामीण अंचल के थानो में वहीं पुराने वाहन हैं। भीलवाड़ा शहर की गश्त व्यवस्था भी ऐसे ही पुराने खटारा वाहनों के भरोसे है। भीलवाड़ा जिले में बजरी माफिया बजरी से भरे ट्रैक्टरों के एस्कार्ट के लिए लग्जरी वाहनों ही उपयोग सर्वाधिक कर रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की चिंता
राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कई बार सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। पुलिस महकमे का मानना है कि जब तक थानों को आधुनिक और शक्तिशाली वाहन नहीं मिलेंगे, तब तक हाईटेक अपराधियों पर लगाम कसना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा। हालांकि, कुछ जिलों में नए वाहन स्वीकृत हुए हैं, लेकिन राज्य के 1000 से अधिक पुलिस थानों की तुलना में यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं।
पुरानी जीपों को करना होगा रिटायर
रिटायर्ड पुलिस अधिकारी मानते हैं कि राजस्थान पुलिस को वास्तव में 'अपराध मुक्त प्रदेश' के संकल्प को पूरा करना है, तो उसे अपनी पुरानी जीपों को रिटायर कर आधुनिक वाहनों को लाना होगा।
केस नम्बर एक
हमीरगढ़ इको पार्क के समीप गत मई 2025 में हथियारों से लैसे तस्करों से पुलिस की मुठभेड हुई थी, अपराधी लग्जरी जीप में सवार थे। इस दौरान बदमाशों ने फायरिंग भी की थी।
केस नम्बर दो
जून 2025 में लग्जरी जीपों में सवार बदमाशों को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन खटारा वाहन उन्हें रोक नहीं पाए। बदमाश पुलिस टीम पर फायरिंग कर भाग छूटे।
केस नम्बर तीन
जुलाई 2025 में नाकाबंदी तोड़ कर भागे लग्जरी वाहनों में सवार तस्करों को पुलिस ने मांडल कस्बे में रोकने का प्रयास किया, पुलिस ने गोली भी दागी, लेकिन रोकने में सफल नहीं रहे।
Published on:
11 Feb 2026 12:35 pm
