23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ग्रामीण बदलाव का संगम: ध्येय कार्यक्रम का शुभारंभ

1000 गांवों की ताकत से आत्मनिर्भर भारत की ओर बजाज फाउंडेशन का कदम

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर. अनुभव का अद्भुत संगम-ध्येय कार्यक्रम के सातवें संस्करण का इस सप्ताह सीकर में शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में 16 राज्यों से 100 गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया है। इस आयोजन का संयुक्त रूप से आयोजन किया बजाज फाउंडेशन, विश्व युवक केंद्र और जमनालाल कनिराम बजाज ट्रस्ट के परोपकारी पदाधिकारियों ने। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि भावना शर्मा, एडीएम सीकर के साथ उदय शंकर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, विश्व युवक केंद्र, हरिभाई मोरी, सीएसआर अध्यक्ष बजाज समूह तथा अपूर्व नयन बजाज, ट्रस्टी बजाज फाउंडेशन ने ग्रामीण विकास पर अपने विचार साझा किए।
पहले दिन में बजाज फाउंडेशन एवं विश्व युवक केंद्र की ग्रामीण हस्तक्षेप योजनाओं पर प्रस्तुतियां, फसल विविधीकरण और बागवानी विकास की सफलता की कहानियां तथा किसानों, युवा क्लबों और शिक्षकों द्वारा अनुभव साझा सत्र आयोजित किए गए। इन संवादों ने सहयोग, नवाचार और दृढ़ संकल्प की उस भावना को प्रदर्शित किया, जिसके लिए ध्येय कार्यक्रम जाना जाता है।
अपने संबोधन में अपूर्व नयन बजाज ने कहा कि ध्येय केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक आंदोलन है, जो ज्ञान बांटने, व्यवहारिक सीख और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की हमारी कोशिश है। सीकर में जमनालाल कनीराम बजाज ट्रस्ट के अंतर्गत अब तक हमने १००० से भी अधिक ग्रामों के सशक्तिकरण के लिए अन्य कार्य किए हैं। और इस कार्यक्रम में देशभर से आए समाज कार्यों से जुड़े संस्थानों के साथ अपना अनुभव साझा कर हमारा उद्देश्य आत्मनिर्भर और मजबूत गाँवों का निर्माण करना है।