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बेलगावी में बिना भवन के 37 सरकारी स्कूल

17 किराए पर, 20 को निर्माण का इंतजार बेलगावी. जिले में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों का सामना करते हुए आज भी 37 सरकारी स्कूलों के पास अपना स्थायी भवन नहीं है। इनमें से 17 स्कूल किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं, जबकि 20 स्कूल अस्थायी सरकारी भवनों में चल रहे हैं। शिक्षकों […]

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37 government schools in Belagavi lack proper buildings

बैलहोंगल में किराए के भवन में चल रही सरकारी उर्दू प्राथमिक स्कूल।

17 किराए पर, 20 को निर्माण का इंतजार

बेलगावी. जिले में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों का सामना करते हुए आज भी 37 सरकारी स्कूलों के पास अपना स्थायी भवन नहीं है। इनमें से 17 स्कूल किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं, जबकि 20 स्कूल अस्थायी सरकारी भवनों में चल रहे हैं।

शिक्षकों का कहना है कि विशेष रूप से शहर और कस्बों में प्राथमिक स्कूलों के लिए जमीन उपलब्ध न होने से मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावक अपने बच्चों को निजी या अन्य स्कूलों में भेजने लगे हैं, जिसके कारण सरकारी स्कूलों में नामांकन घट रहा है।

बेलगावी शैक्षणिक जिले के सात क्षेत्रों में 32 स्कूलों के पास भवन नहीं है। इनमें से 20 सरकारी भवनों में और 12 किराए के भवनों में चल रहे हैं। बेलगावी महानगर में आठ, बैलहोंगल में तीन और खानापुर में एक स्कूल शामिल है। वहीं चिक्कोडी शैक्षणिक जिले के आठ क्षेत्रों में पांच स्कूल किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इनमें गोकाक शहर के दो, गोकाक तहसील के कोन्नूर, चिक्कोडी के करोशी और हुक्केरी तहसील के संकेश्वर के स्कूल शामिल हैं।

आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं

दशकों से जमीन तलाशने के बावजूद उपयुक्त स्थल नहीं मिल पाया है। शहर के केंद्र में जमीन महंगी होने के कारण निर्माण कार्य अटका हुआ है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
-ए.एन. पैटी, क्षेत्र शिक्षा अधिकारी, बैलहोंगल

कोशिशें लगातार जारी हैं

किराए के भवनों में चल रहे स्कूलों के लिए स्थायी भवन निर्माण की कोशिशें लगातार जारी हैं और सरकार को इस विषय पर अवगत कराया गया है।
-लीलावती हिरेमठ, डीडीपीआई