13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हर 15 मिनट में एक वाहन चोरी…दिल्ली में सरकारी आंकड़े देख हैरान रह जाएंगे आप, जानें क्या है हकीकत ?

Theft सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि देश की राजधानी दिल्ली में चोरी के मामलों में तीन वर्षों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। इसके बावजूद वाहन चोरी दिल्ली में एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसकी वजह यह है कि इन्ही सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में औसतन हर 15 मिनट में […]

2 min read
Google source verification
वाहन चोरी

प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत Gemini)

Theft सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि देश की राजधानी दिल्ली में चोरी के मामलों में तीन वर्षों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। इसके बावजूद वाहन चोरी दिल्ली में एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसकी वजह यह है कि इन्ही सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में औसतन हर 15 मिनट में एक वाहन चोरी हो रहा है।

वाहन चोरी के मामलों में हर वर्ष आ रही गिरावट

दिल्ली पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि मोटर वाहन चोरी यानी एमवी एक्ट के मामलों का ग्राफ लगातार गिर रहा है। वर्ष 2023 में जहां दिल्ली में 40 हजार 45 वाहन चोरी के मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद वर्ष 2024 में यह संख्या कम हुई लेकिन मामूली गिरावट के साथ 39 हजार 976 मामले दर्ज हुए। अब वर्ष 2025 में इसमें अपेक्षाकृत ज्यादा कमी दर्ज हुई। इस बार 2025 में दिल्ली में 35 हजार 14 मामले वाहन चोरी के दर्ज किए गए हैं। इससे साफ है कि वाहन चोरी के मामलों में गिरावट आ रही है लेकिन दूसरी यह भी साफ हो रहा है कि अभी भी दिल्ली में हर 15 मिनट में एक वाहन चोरी हो जाता है।

सेंधमारी के मामले में वाहन चोरी से कम

ग्राफ सिर्फ वाहन चोरी के मामलों का ही नहीं गिरा है संपत्ति से जुड़े अन्य अपराधों में भी गिरावट दर्ज हो रही है। वर्ष 2025 में राजधानी में सेंधमारी के महज 6 हजार 617 मामले सामने आए जबकि वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 8 हजार 965 और 2023 में यह आंकड़ा 6 हजार 916 था। सेंधमारी के मामलों में खासी गिरावट आ गई है। इसी तरह से घरों में चोरी के मामलों में कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार 2025 में 16 हजार 246 मामले चोरी के दर्ज किए गए जबकि 2024 में यह आंकड़ा 20 हजार के पार था। इसी तरह से 2023 में 21 हजार 641 मामले दर्ज किए गए थे।

क्या कहते हैं अफसर

मीडियाकर्मियों को दिए एक बयान में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा है कि, वाहन चोरी के मामलों में आई कमी के पीछे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकॉग्निशन यानी एएनपीआर सिस्टम और डेटा आधारित पुलिसिंग वजह बनी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ वाहन चोरी के मामलों में ही गिरावट दर्ज नहीं की गई बल्कि चोरी गए वाहनों की बरामदगी का ग्राफ भी बढ़ा है। अधिकारी भले ही वाहन चोरी के मामलों में गिरावट की बात कर रही हो लेकिन यह आंकड़े ही बता रहे हैं दिल्ली में अभी भी वाहन चोरी अन्य चोरी के मामलों से ज्यादा बड़ी चुनौती है। यह चुनौती सिर्फ राजधानी तक ही नहीं बल्कि एनसीआर क्षेत्र में भी वाहन चोरी बड़ी चुनौती है। वाहन चोरी के कुल मामलों में 56 प्रतिशत से अधिक मामले एनसीआर से जुड़े होते हैं।

सामान्य चोरियों में सर्वाधिक गिरावट

पुलिस रिकार्ड में अन्य चोरियों के मामलों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अन्य चोरी में वर्ष 2025 में 1 लाख दो हजार 906 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या एक लाख 17 हजार 563 और 2023 में 1 लाख 58 हजार 965 था। अंत में अगर इन सभी आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि दिल्ली में अपराध में कमी आ रही है, चोरी के मामलों में भी कमी दर्ज की जा रही है लेकिन वाहन चोरी अभी भी दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है।