
Noida engineer death: नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में SIT ने बचाने की कोशिश करने वाले डिलीवरी बॉय से पूछताछ की है। एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराने के बाद डिलीवरी बॉय मोनिंदर ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि उसने अपने बयान में कोई बदलाव नहीं किया है। एसआईटी के सामने बिना किसी दबाव के पूरी सच्चाई बताई है। इसके साथ ही उसको अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता भी सता रही है, इसलिए सरकार से मोनिंदर ने सुरक्षा की मांग की है।
एसआईटी के सवालों के जवाब देने के बाद मोनिंदर ने बताया कि उसने कोई झूठी कहानी नहीं बनाई है, बल्कि उसने वही बताया जो उस रात हुआ था। इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पूछताछ करने के दौरान एसआईटी ने डिलीवरी बॉय से पूछा कि डिलीवरी ऐप कब से कब तक ऑन रहती है। मोनिंदर के अनुसार, उन्होंने यह भी पूछा कि युवराज को बचाने के लिए कितनी देर कोशिश की, वे पानी में कितनी देर तक थे, और इस दौरान क्या-क्या हुआ। इन सभी सवालों का जवाब देते हुए मोनिंदर ने सारी सच्चाई बता दी। इसके साथ ही यह कहा कि अगर युवराज गाड़ी के ऊपर होता तो उसे बचा लिया होता, लेकिन वह गाड़ी के अंदर था। फिर भी इतना समय था कि मौके पर संसाधनों को लेकर उसे बचाया जा सकता था।
एसआईटी ने पूछताछ के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग मौके पर मौजूद थे, जहां सबके सामने मोनिंदर से सवाल-जवाब किए गए। एसआईटी ने उन्हें दोबारा बुलाने को लेकर कोई सूचना नहीं दी है। सच सामने आने के बाद से मोनिंदर और उनका परिवार डरा हुआ है और जान का खतरा महसूस कर रहा है, जिसको लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की मांग की है। परिवार की चिंता का आलम यह है कि बीते तीन दिनों से घर में खाना तक नहीं बन पाया। पूछताछ के समय उनके पिता भी साथ गए थे और बाद में उन्हें सरकारी वाहन से सुरक्षा के बीच घर छोड़ा गया।
16 जनवरी की रात करीब 12 बजे नोएडा के सेक्टर-150 में एटीएस ले ग्रांड के पास घने कोहरे के चलते युवराज की ग्रैंड विटारा कार नाले की दीवार तोड़कर मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए करीब 30 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। कार डूबने लगी तो युवराज किसी तरह बाहर निकलकर छत पर चढ़ गया और 12:20 बजे अपने पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना पर पुलिस, दमकल विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन कोहरे और ठंडे पानी के कारण युवराज दिखाई नहीं दे रहा था। लोग केवल उसकी आवाज सुन पा रहे थे, जबकि गड्ढे में सरिया होने और खतरे के चलते कोई भी पानी में उतरने को तैयार नहीं हुआ।
Published on:
25 Jan 2026 06:51 pm
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